एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन पर कई यूरोपीय देशों ने रोक लगा दी है। खून का धक्का जमने की शिकायत के बाद ये फैसला लिया गया है। नॉर्वे के बाद अब फ्रांस, जर्मनी, इटली आयरलैंड और नीदरलैंड ने टीकों पर अस्थायी रोक लगा दी है। इसके बाद कंपनी को सफाई देनी पड़ी है।
ऑक्सफोर्ड वैक्सीन ग्रुप के वैक्सीनोलॉजिस्ट प्रो. एंड्रयू पोलार्ड ने कहा, टीके से खून का थक्का जमने का कोई भी आपसी संबंध नहीं है। एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि ब्रिटेन में औसतन हर माह खून का थक्का जमने के करीब तीन हजार मामले सामने आते हैं। टीकाकरण के बीच भी ऐसे मामले आ रहे हैं और ऐसे मामलों को इससे जोड़ा जा रहा है। उधर, ब्रिटेन की दवा नियंत्रक एजेंसी एमएचआरए के वैक्सीन सेफ्टी लीड डॉ. फिल ब्रायन ने कहा है कि लोग बिना किसी डर और झिझक के टीका लगवाएं।
यूरोपीय की मेडिसिन एजेंसी और दूसरी रेगुलेटरी इस बात की जांच कर रहे हैं कि वैक्सीन और खून के थक्के जमने के बीच लिंक के सबूत है या नहीं। एस्ट्राजेनेका ने रविवार को अपने प्रोडक्ट का बचाव करते हुए कहा कि कंपनी लगातार इसकी सेफ्टी की मॉनिटरिंग कर रही है।
कंपनी के चीफ मेडिकल ऑफिसर एन टेलर ने कहा कि यूरोपियन यूनियन और ब्रिटेन में लगभग 1.7 करोड़ लोगों को हमारी वैक्सीन लगाई गई है। उनके डेटा की समीक्षा की गई है। इसमें वैक्सीन की वजह से खून का थक्का जमने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि मेडिसिन एजेंसी की रिपोर्ट आने तक वैक्सीन का इस्तेमाल बंद कर दिया जाएगा।