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रूस में अमेरिका और स्पेन के बाद सबसे ज्यादा हुई कोरोना मरीजों की संख्या, पुतिन के प्रवक्ता भी पॉजिटिव

Wed, 13 May 2020 12:56 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन(फाइल फोटो)
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कोविड-19 महामारी से जूझ रहे रूस में संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। कोरोना वायरस के पॉजिटिव केसों के मामले में अमेरिका और स्पेन के बाद रूस तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। मंगलवार को रूस के लिए दो बुरी खबर आने से कोरोना संकट और गहरा गया। पहली खबर सेंट पीटर्सबर्ग के सेंट जॉर्ज अस्पताल में आग लगने से पांच कोरोना वायरस मरीज की मौत हो गई जो वेंटिलेटर पर थे। आग एक गहन देखभाल यूनिट में लगी और आधे घंटे के भीतर काबू पा लिया गया। इसके पीछे कारण वेंटिलेटर में खराबी होना बताया गया।

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वहीं दूसरी खबर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव को लेकर आई कि वे कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए हैं। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पेस्कोव 2000 की शुरुआत से पुतिन के साथ काम कर रहे हैं और 2008 से उनके प्रवक्ता हैं।  दमित्री पेस्कोव ने तास न्यूज एजेंसी को मंगलवार को बताया, 'हां, मैं बीमार हूं। मेरा इलाज चल रहा है।' फिलहाल यह जाहिर नहीं है कि पेस्कोव की हालत कितनी गंभीर है क्योंकि रूस में बिना लक्षण वाले लोगों को भी घर पर रहने के लिए कहा गया है। बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री मिखाइल भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे।

अब दोनों घटनाओं में जांच जारी है, कानून-प्रवर्तन अधिकारी ने न्यूज एजेंसी तास को बताया कि अधिकारी शनिवार और मंगलवार की घटनाओं में शामिल वेंटिलेटर की जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वेंटिलेटर एक ही रूसी निर्माता द्वारा निर्माण किया गया था।
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बता दें कि रूस में मंगलवार तक 2,32,000 पॉजिटिव केस आ चुके हैं। वहीं, एक दिन में यहां सबसे ज्यादा 11,600 केस पाए गए।

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रूस में विजय दिवस का जश्न रहा फीका

इस महामारी से सहमे रूस में विजय दिवस का जश्न फीका रहा। द्वितीय विश्व युद्ध में नाजियों पर जीत का जश्न औपचारिकता ही रहा। ऐसा पहली बार हुआ है। रूस हर वर्ष इस मौके पर पूरे देश में जश्न मनाता रहा है। 

रूस में विजय दिवस पर हर साल की तरह राष्ट्रीय अवकाश रहा और क्रेमलिन (रूसी संसद) के बाहर सैनिकों की कब्र पर फूल चढ़ाए गए। साथ ही जीत की इस 75वीं वर्षगांठ पर एक औपचारिक समारोह में युद्ध के दौरान सोवियत सेना के साहस और कुर्बानियों के सम्मान में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक छोटा भाषण भी दिया।

लेकिन पूूरा समारोह फीका रहा। यही नहीं लाल चौक (रेड स्क्वायर) पर होने वाली भव्य परेड व लोगों के जुलूस का आयोजन रद्द कर दिया गया। पुतिन ने कहा, यह समारोह मनाना काफी जोखिम भरा है।
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