फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विवाद: नौसेना ने नहीं की श्रीलंका के मछुआरों से मारपीट, उच्चायोग ने मीडिया रिपोर्ट को बताया झूठ

Fri, 18 Jun 2021 04:40 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, कोलंबो

सार

कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने भारतीय नौसेना का बचाव करते हुए कहा कि श्रीलंका के मछुआरों से दुर्व्यवहार की रिपोर्ट 'साफ झूठ' है। ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। मछुआरों ने डिएगो गार्सिया में उनके साथ मारपीट का आरोप लगाया है। 
 
विज्ञापन
सांकेतिक चित्र - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत ने श्रीलंका के स्थानीय मीडिया में आई उन खबरों को 'साफ झूठ' करार दिया, जिनमें कहा गया था कि भारत की नौसेना ने कथित तौर पर श्रीलंका के मछुआरों के एक समूह के साथ मारपीट की है। भारत ने शुक्रवार को कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई।

विज्ञापन


श्रीलंका के 13 स्थानीय मछुआरों के एक समूह ने दावा किया था कि मछली पकड़ने के जहाज 'थुशान 1' और 'थुशान 2' पर सवार होकर वे सात मई को समुद्र में उतरे थे और चार जून को डिएगो गार्सिया के निकट अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में भारतीय नौसेना ने उनके साथ मारपीट की। इनमें से दो मछुआरों ने बृहस्पतिवार को कोलंबो के स्थानीय हीरू टीवी को बताया कि हमने बताया कि हम मछुआरे हैं, इसके बावजूद उन्होंने हमसे मादक पदार्थ मांगे।

भारतीय उच्चायोग ने मछुआरों के भारतीय नौसेना द्वारा उनके साथ मारपीट के दावे को खारिज किया। उच्चायोग की ओर से कहा गया कि 17 जून को मीडिया में आई खबरों में कहा गया कि भारतीय नौसेना ने श्रीलंका के मछुआरों के समूह पर हमला किया, जो साफ झूठ है। इस तरह की कोई घटना नहीं घटी।
विज्ञापन


उच्चायोग ने एक वक्तव्य में कहा, 'भारतीय नौसेना एक बहुत ही अनुशासित एवं पेशेवर बल है, जो अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन परिपूर्ण तरीके से करती है।'  उसने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों से जुड़े सभी मुद्दों को स्थापित द्विपक्षीय प्रणालियों और समझौतों के जरिए मानवीय तरीके से सुलझाने के लिए भारत दृढ़ प्रतिज्ञ है। 

श्रीलंका के मत्स्यपालन सचिव बोले—छानबीन के बाद भारत से बात करेंगे
मीडिया में कथित घटना की खबरें आने के बाद मत्स्यपालन मंत्रालय में सचिव इंदु रथनायक ने स्थानीय मीडिया से कहा कि रिपोर्ट की छानबीन के बाद इस बारे में भारत से बात की जाएगी। इससे पहले कई भारतीय मछुआरे आरोप लगा चुके हैं कि श्रीलंका सीमा के निकट मछली पकड़ने पर उन पर श्रीलंका की नौसेना ने हमला किया।

मछुआरों को लेकर अक्सर होते हैं दोनों देशों में विवाद
मछली पकड़ते वक्त असावधानीवश एक दूसरे के जल क्षेत्र में जाने पर दोनों देशों के मछुआरे गिरफ्तार किए जाते रहे हैं। इस तरह की घटनाओं के बाद द्विपक्षीय संबंधों में मछुआरों का मुद्दा तनाव का प्रमुख विषय बन गया है। इस साल जनवरी में विदेश मंत्री एस. जयशंकर श्रीलंका आए थे और उन्होंने मत्स्यपालन मंत्री डगलस देवानंद से मुलाकात की थी। जयशंकर ने मछुआरों से जुड़ा मुद्दा उठाया था और मत्स्यपालन के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की थी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें