जर्मनी में आर्थिक मंदी, प्रवासन (माइग्रेशन) को रोकने के दबाव और यूरोप-अमेरिका संबंधों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच रविवार को मतदान हुआ। मतदान के बाद एग्जिट पोल में इस चुनाव में मध्य दक्षिणपंथी विपक्षी दल की जीत मिलती दिख रही है। जबकि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार अतिवादी दक्षिणपंथी दल ऑल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) को बढ़त मिल रही है।
जर्मनी में हुए आम चुनाव में विपक्षी नेता फ्रेडरिक मर्ज सबसे आगे हैं। एग्जिट पोल के मुताबिक मध्य दक्षिणपंथी विपक्षी दल के नेता फ्रेडरिक मर्ज को बढ़त मिल रही है। जबकि अतिवादी दक्षिणपंथी, प्रवासन विरोधी 'ऑल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (एएफडी) दूसरे स्थान पर है। ऑल्टरनेटिव फॉर जर्मनी का यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे मजबूत प्रदर्शन है। जबकि मौजूदा चांसलर ओलाफ शोल्ज की पार्टी सोशल डेमोक्रेट्स तीसरे स्थान पर है।
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जर्मनी में आर्थिक मंदी, प्रवासन (माइग्रेशन) को रोकने के दबाव और यूरोप-अमेरिका संबंधों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच रविवार को मतदान हुआ। मतदान के बाद एग्जिट पोल में इस चुनाव में मध्य दक्षिणपंथी विपक्षी दल की जीत मिलती दिख रही है। जबकि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार एक अतिवादी दक्षिणपंथी दल ऑल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) को भी ऐतिहासिक बढ़त मिल रही है। ऑल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) पार्टी की उम्मीदवार एलिस वैडेल का कहना है अगले चुनाव में हम दक्षिणपंथियों को पीछे छोड़ देंगे। उन्होंने अगले चुनाव में पहला स्थान जीतने का संकल्प लिया। वहीं जर्मन सोशल डेमोक्रेट्स नेता ने चुनाव परिणामों में ऐतिहासिक हार स्वीकार कर लिया है।
जर्मनी में चुनाव क्यों अहम है?
जर्मनी यूरोपियन यूनियन का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है और नाटो का प्रमुख सदस्य भी है। यह यूक्रेन को सबसे ज्यादा हथियार देने वाले देशों में अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर आता है। आम चुनाव के नतीजे जर्मनी के अलावा पूरे यूरोप पर असर डालेंगे। खासकर जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की अगली सरकार के आने की संभावनाओं को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। ट्रंप प्रशासन के संभावित नीतिगत बदलाव यूरोप की सुरक्षा और व्यापार नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।
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सरकार कैसे बनेगी?
जर्मनी में करीब 5.9 करोड़ मतदाताओं ने जर्मनी की 630 सदस्यीय संसद के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव किया। यहां की चुनावी प्रक्रिया आमतौर पर किसी भी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं देती, इसलिए चुनाव के बाद दो या अधिक पार्टियों को मिलकर सरकार बनानी होगी। यह गठबंधन बनाने की प्रक्रिया कई हफ्तों या महीनों तक खिंच सकती है। यह चुनाव तय समय से 7 महीने पहले हो रहा है, क्योंकि मौजूदा चांसलर ओलाफ शोल्ज की गठबंधन सरकार नवंबर में गिर गई थी। उनके नेतृत्व वाली तीन दलों की सरकार आपसी मतभेदों के कारण कमजोर हो गई थी।
अब फ्रेडरिक मर्ज को सरकार बनाने के लिए एक या दो अन्य पार्टियों की जरूरत होगी। उनके लिए संभावित सहयोगी ग्रीन पार्टी, सोशल डेमोक्रेट्स (एसपीडी), फ्री डेमोक्रेट्स हो सकते हैं। फ्री डेमोक्रेट्स और कुछ अन्य छोटे दलों को संसद में प्रवेश करने के लिए 5% वोट हासिल करने होंगे। अगर वे ऐसा नहीं कर पाए, तो मर्ज को सरकार बनाने के लिए ज्यादा दलों से गठबंधन करना होगा।