फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Robby Starbuck Sues Meta: रॉबी स्टारबक ने मेटा पर ठोका मानहानि का केस, AI के जरिए झूठी जानकारी फैलाने का आरोप

Thu, 01 May 2025 07:40 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लॉस एंजिल्स
विज्ञापन
Meta AI App - फोटो : META
विज्ञापन

रूढ़िवादी कार्यकर्ता रॉबी स्टारबक ने मेटा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उन्होंने आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया दिग्गज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट ने उनके बारे में गलत झूठी जानकारियां फैलाईं। इसमें यह भी दावा किया गया कि रॉबी स्टारबक 6 जनवरी, 2021 को यूएस कैपिटल में हुए दंगे में शामिल थे। 

विज्ञापन


अगस्त 2024 में मामले का पता चला
कॉर्पोरेट डीईआई कार्यक्रमों को टारगेट करने के लिए जाने जाने वाले स्टारबक ने कहा कि उन्हें अगस्त 2024 में मेटा के एआई की ओर से किए गए दावों का पता चला, जब वह मोटरसाइकिल निर्माता हार्ले-डेविडसन में 'वोक डीईआई' नीतियों को लेकर काम कर रहे थे।

चरित्र और परिवार के लिए बहुत हानिकारक
उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ' डीलरशिप मुझसे नाखुश थी और उन्होंने मुझे दरकिनार करने के लिए मेटा के एआई से एक स्क्रीनशॉट पोस्ट किए। यह स्क्रीनशॉट झूठ से भरा हुआ था। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि यह सच हो सकता है, इसलिए मैंने खुद जांच की। मैंने पाया कि यह और भी बुरा था। तब से उन्हें झूठे आरोपों का लगातार सामना करना पड़ा है, जो मेरे चरित्र और परिवार के लिए बहुत हानिकारक है।
विज्ञापन


पांच मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के हर्जाने की मांग
उन्होंने कहा कि वह 6 जनवरी के दंगे के दौरान टेनेसी में थे। मंगलवार को डेलावेयर सुपीरियर कोर्ट में दायर किए गए मुकदमे में पांच मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के हर्जाने की मांग की गई है। 

मेटा की सफाई
मामले में मेटा के प्रवक्ता ने कहा कि अपने मॉडलों को बेहतर बनाने के हमारे निरंतर प्रयास के हिस्से के रूप में हमने पहले ही अपडेट जारी कर दिए हैं और ऐसा करना जारी रखेंगे।

ऐसे कई मामले सामने आ चुके
स्टारबक्स का मुकदमा उस सूची में शूमार हो गया है, जहां कई लोगों ने चैटबॉट की ओर से दी गई जानकारी को लेकर एआई प्लेटफॉर्म पर मुकदमा दायर किया है। 2023 में जॉर्जिया में एक रूढ़िवादी रेडियो होस्ट ने ओपनएआई के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि चैटजीपीटी ने यह कहकर गलत जानकारी दी कि उन्होंने बंदूक-अधिकार समूह, सेकंड अमेंडमेंट फाउंडेशन से धोखाधड़ी की और धन का गबन किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें