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Congo Unrest: कांगो में 3000+ मौतों के बाद सीजफायर की अपील, अफ्रीकी नेता बोले- राष्ट्रपति से बात करें विद्रोही

Sun, 09 Feb 2025 12:36 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कंपाला

सार

तंजानिया के शहर दार एस सलाम में शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रपति फेलिक्स त्सेसीकेदी सहित पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका के नेताओं ने भाग लिया। इस दौरान नेताओं ने पूर्वी कांगो में तुरंत युद्धविराम की अपील की। साथ ही विद्रोहियों से कांगो के राष्ट्रपति से सीधी बातचीत करने का आग्रह किया। 
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कांगो में विद्रोह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका के नेताओं ने शनिवार को पूर्वी कांगो में तुरंत युद्धविराम की अपील की है। विद्रोही कांगो सरकार को उखाड़ फेंकने की धमकी दे रहे हैं, लेकिन नेताओं ने उनसे कांगो के राष्ट्रपति से सीधी बातचीत करने का आग्रह किया है। 

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कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्सेसीकेदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तंजानिया के शहर दार एस सलाम में शिखर सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने पहले कहा था कि वह रवांडा समर्थित एम23 विद्रोहियों से कभी बात नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हें लगता है कि विद्रोही कांगो की खनिज संपत्तियों का दोहन करने के लिए काम कर रहे हैं। 

विद्रोहियों ने गोमा पर किया कब्जा, लड़ाई में 3000 लोग मारे गए: संयुक्त राष्ट्र
शिखर सम्मेलन के अंत में जारी एक विज्ञप्ति में एम23 सहित सभी पक्षों के साथ सीधी वार्ता और संवाद फिर से शुरू करने का आह्वान किया गया। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विद्रोहियों ने कांगो के सबसे बड़े शहर गोमा पर कब्जा कर लिया है, जिसके बाद लड़ाई में लगभग 3,000 लोग मारे गए हैं और सैकड़ों हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
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शिखर सम्मेलन में SADC के नेता शामिल थे
इस संयुक्त शिखर सम्मेलन में पूर्वी अफ्रीकी समुदाय और दक्षिणी अफ्रीकी विकास समुदाय (SADC) के नेता शामिल थे, जिसके रवांडा और कांगो दोनों सदस्य हैं। शिखर सम्मेलन में रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागमे और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने भी भाग लिया। रामफोसा ने एम23 विद्रोहियों से लड़ने के लिए SADC के तहत कांगो में सैनिकों को तैनात किया है, जिससे रवांडा की चिंताएं बढ़ गई हैं।

रवांडा ने SADC की तैनाती को विद्रोह को बढ़ावा देने का दोषी ठहराया
रवांडा ने पूर्वी कांगो में खनिज-समृद्ध प्रांत उत्तरी किवु में SADC की तैनाती को विद्रोह को बढ़ावा देने का दोषी ठहराया है। कागमे ने कहा कि SADC सैनिक शांति सैनिक नहीं थे, क्योंकि वे विद्रोहियों को हराने के लिए कांगो की सेना के साथ लड़ रहे हैं।

विद्रोहियों को रवांडा से समर्थन प्राप्त
UN के विशेषज्ञों के अनुसार, विद्रोहियों को रवांडा से लगभग 4,000 सैनिकों का समर्थन प्राप्त है, जबकि कांगो की सेना को क्षेत्रीय शांति सैनिकों, संयुक्त राष्ट्र बलों, सहयोगी मिलिशिया और बुरुंडी के सैनिकों का समर्थन मिल रहा है। वे अब विद्रोहियों को दक्षिण किवु की राजधानी बुकावु पर कब्जा करने से रोक रहे हैं। 

एम23 ने कहा- वे कांगो सरकार से लड़ रहे
विद्रोही समूह एम23 ने कहा है कि वे कांगो सरकार से लड़ रहे हैं और वे सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, गोमा के हवाई अड्डे को फिर से खोलने और बिना बुलाए विदेशी सैनिकों की वापसी के लिए भी कदम उठाने की मांग की है। एक अन्य क्षेत्रीय बैठक में भी कांगो से रवांडा के सैनिकों की तत्काल वापसी और मानवीय सहायता के लिए हवाई अड्डे को फिर से खोलने की अपील की गई।

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