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चीन: 100 साल की हुई कम्युनिस्ट पार्टी, जिनपिंग का लंबा कार्यकाल बन सकता है मुसीबत

Thu, 01 Jul 2021 07:24 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले देश पर मजबूत पकड़ रखने वाली, अंतरराष्ट्रीय वाम आंदोलन को दिशा देने वाली एवं विश्व की राजनीति को प्रभावित करने वाली चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी गुरुवार को 100 वर्ष की हो जाएगी। वहीं, विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पद पर बने रहने से भविष्य में उनके उत्तराधिकारी के लिए स्थिति जटिल हो सकती है।
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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी एक जुलाई को अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष मनाएगी। अधिकारियों के मुताबिक इस अवसर पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग सुबह में एक विशिष्ट सभा को संबोधित करेंगे। शिन्हुआ संवाद समिति ने बताया कि शी के संबोधन का सरकारी मीडिया नेटवर्क पर सीधा प्रसारण होगा। पहले जिनपिंग के 'बड़े समारोहों' को गोपनीय रखा जाता था। वहीं हांगकांग के 'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि सेना की परेड नहीं होगी।

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इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि ऐतिहासिक थ्यानमेन चौक पर सेना की परेड होगी और चीन के नए हथियारों का प्रदर्शन किया जाएगा। थ्यानमेन चौक को करीब एक महीने से आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। बता दें कि गुरुवार के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जिन पत्रकारों को निमंत्रण दिया गया है उनके लिए कोविड-19 की चीनी टीके की दोनों खुराक लगवाना अनिवार्य है। उनसे कोरोना वायरस जांच की निगेटिव रिपोर्ट भी देने के लिए कहा गया है।

खबरों के मुताबिक जिन राजनयिकों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है उन्होंने यदि कोई विदेशी टीका भी लगवाया है तो वे शामिल हो सकते हैं।

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जिनपिंग के लंबे कार्यकाल से पार्टी को भविष्य में हो सकती हैं मुश्किलें

सीपीसी अपने 100वें साल में राष्ट्रपति शी पर उतनी ही निर्भर है जितना वह अपने संस्थापक नेता और मुख्य विचारक 'चेयरमैन' माओत्से तुंग पर थी। माओत्से तुंग ने 1921 में पार्टी के गठन के बाद से 1976 में निधन तक पार्टी पर पकड़ बनाए रखी थी। शी समर्थक मानते हैं कि उनका नेतृत्व समय की जरूरत है क्योंकि देश विश्व स्तर पर प्रतिकूल हालात का सामना कर रहा है। विश्लेषकों ने आगाह किया है कि दो कार्यकाल के बाद उनके पद पर बने रहने से आगे स्थिति अस्थिर हो सकती है। 

पार्टी नेतृत्व के दूसरे कार्यकाल के दौरान सीपीसी के महासचिव के उत्तराधिकारी की घोषणा कर देने की परंपरा रही है। प्रेक्षकों को संभावना है कि शी पार्टी के शासी निकाय में फेरबदल के दौरान शीर्ष नेता बने रहेंगे। एक दशक में पार्टी की दो बार होने वाली कांग्रेस में अगले साल उत्तराधिकारी पर कुछ तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट में कहा कि यह एक बड़ी चुनौती होगी और इससे आगे के दशकों में पार्टी की दिशा तय होगी।

अपने पूर्ववर्ती अध्यक्षों के विपरीत शी जिनपिंग ने 2017 में अपने पहले कार्यकाल के अंत में उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं की और प्रेक्षकों का मानना है कि अगले साल भी नए नेतृत्व के उभार की कम ही संभावना है। विश्लेषक टी सांग ने ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ से कहा, ‘अगर प्रक्रिया स्पष्ट नहीं हो पाई तो जब बदलाव होगा तो चीजें बहुत जटिल हो जाएंगी।’ इसके साथ ही मर्केटर इंस्टीट्यूट फॉर चाइना स्टडीज के वरिष्ठ विश्लेषक निस ग्रूनबर्ग ने भी सांग के विचार से सहमति जताई है।

अमेरिका में सेंटर फॉर स्ट्रेटिजिक इंटरनेशनल स्टडीज और ऑस्ट्रेलिया में लोई इंस्टीट्यूट की एक संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराधिकार के संकट के समाधान के लिए नए चेहरे को लाना जरूरी होगा। ऐसे उत्तराधिकारी की जरूरत होगी जिसका असर हो।
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