नेपाल के भारत से सटे सुनसरी जिले में सांप्रदायिक हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना में सुरक्षा कर्मियों समेत कई अन्य लोग घायल हुए हैं। हिंसा के बाद प्रशासन ने सोमवार से इलाके के कुछ हिस्सों में अनिश्चितकाल के लिए पाबंदियां लगा दी हैं।
सुनसरी जिला प्रशासन कार्यालय के अनुसार, यह पाबंदियां सुबह 7 बजे से लागू हुईं। ये प्रतिबंध कोशी प्रांत के इस जिले के पांच बाजार क्षेत्रों में लगाए गए हैं। प्रशासन ने कहा कि ये आदेश अगले निर्देश तक लागू रहेंगे।
किन गतिविधियों पर लगी रोक?
प्रशासन के आदेश के तहत प्रभावित इलाकों में चार से ज्यादा लोगों के एक साथ जमा होने, प्रदर्शन, सार्वजनिक बैठक और धरने पर रोक लगा दी गई है।
हिंसा की शुरुआत कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, रविवार रात देवगंज ग्रामीण नगरपालिका के कप्तानगंज इलाके में दो समुदायों के लोगों के बीच झड़प हुई। दोनों समुदाय अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे। इसी दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर विवाद शुरू हो गया।
पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला हिंसा में बदल गया। स्थिति को संभालने के लिए सुरक्षा कर्मियों को मौके पर भेजा गया।
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गोलीबारी में युवक की मौत
पुलिस के अनुसार, हालात को काबू में करने की कोशिश के दौरान सुरक्षा बलों ने गोली चलाई। इसमें 24 साल के ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि झड़प में सुरक्षा कर्मियों समेत एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
पाबंदी तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई?
प्रशासन ने कहा कि प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों पर 500 नेपाली रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा उन्हें एक महीने तक की जेल या दोनों सजाएं दी जा सकती हैं।
सुनसरी नेपाल के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित है। यह इलाका भारत के बिहार राज्य से सीमा साझा करता है और दोनों देशों के बीच एक अहम व्यापारिक और आवागमन मार्ग है।