अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की प्रमुख किस्टलीना जॉर्जीवा ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी से वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ रही है और विकासशील देशों की मदद के लिए बड़े पैमाने पर वित्त पोषण की जरूरत होगी।
उन्होंने ऑनलाइन संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यह साफ है कि हम मंदी में प्रवेश कर रहे हैं। मौजूदा स्थिति 2009 में वैश्विक वित्तीय संकट से ज्यादा खराब है।
जॉर्जीवा ने कहा कि दुनिया भर में आर्थिक गतिविधियां अचानक से ठप होने के साथ उभरते बाजारों को 2,500 अरब डॉलर के वित्त पोषण की जरूरत होगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हमारा मानना है कि यह आंकड़ा कम है। अबतक 80 से अधिक देशों ने मुद्राकोष से आपात सहायता का आग्रह किया है।
गौरतलब हो कि दुनिया भर में कोविड-19 के मामले 5,30,000 से ज्यादा हो गए हैं और 24,000 से ज्यादा लोग इस बीमारी के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं। ईरान में मृतकों की संख्या 2,378 पहुंची। सिंगापुर के पीएम ने कहा है कि वह अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए उपाय करेंगे।
वही समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, इटली में लगातार कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जी रहा है। एक दिन में 1000 लोगों के मौत की खबर है, जो एक रिकॉर्ड है। एएफपी के मुताबिक यूरोप में कोरोना के रिकॉर्ड तीन लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं।
अमेरिकी विमान वाहक जहाज पर कोराना वायरस मामले बढ़े
प्रशांत महासागर में अमेरिका के विमान वाहक पोत थियोडोर रूजवेल्ट पर कोरोना वायरस के मामले बढ़कर कम से कम 23 तक पहुंच जाने के बाद प्रशासन बंदरगाह पर पूरे चालक दल को पृथक करने पर विचार कर रहा है। स्थानीय मीडिया में ऐसी खबर हैं।
इस सप्ताह के प्रारंभ में तीन नाविकों के परीक्षण में वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद उन्हें वहां से निकाला गया था। चीफ ऑफ नवल ऑपरेशंस एडमिरल माइक गिल्डे ने गुरुवार को एक बयान में कहा था, 'कोविड-19 के और पोजिटिव मामले सामने आए हैं।'