थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर बुधवार को दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया। विवादित सीमा क्षेत्र में थाई सुरक्षा बल और कंबोडियाई प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। इसमें 28 लोग घायल हो गए। ऐसे में दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष विराम पर खतरा मंडराने लगा है।
कंबोडियाई अधिकारियों ने बताया कि बंतेय मींचे प्रांत के प्रेय चान गांव में कई घंटे तक झड़प हुई। इस दौरान दोनों ओर से आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां दागी गईं। गोलीबारी में 28 लोग घायल हो गए। थाई सुरक्षा बलों पर कंबोडियाई प्रदर्शनकारियों ने पत्थर, लाठी फेंकी।
थाई सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल विनथाई सुवारी ने कहा कि कंबोडियाई प्रदर्शनकारी जबरन थाईलैंड के क्षेत्र में घुसे। उन्होंने सैन्य अभियान में बाधा डाली और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने घटना को उकसावे और युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करार दिया।
वहीं कंबोडियाई सरकार ने कहा कि थाई सुरक्षा बलों ने कंबोडियाई नागरिकों के खिलाफ आंसू गैस का इस्तेमाल किया। ताकि उस भूमि को घेर लिया जाए जिस पर कंबोडियाई लोग रहते और खेती करते हैं। कंबोडियाई लोग थाई लोगों द्वारा बिछाए गए कांटेदार तारों को हटा रहे थे। इस दौरान थाई अधिकारियों ने उन पर गोलियां, रबर की गोलियां और धुआं बम दागे। कंबोडिया ने कहा कि थाई सेना के हमले में भिक्षुओं सहित कम से कम 28 लोग बेहोश हो गए और उन्हें गंभीर और मामूली चोटें आईं।
वहीं थाई सेना ने कहा कि लगभग 200 लोग कंबोडियाई पक्ष से थाई-कंबोडियन सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए अवरोधकों और कंसर्टिना तार की तैनाती के दौरान थाई पक्ष की कार्रवाई का विरोध करने के लिए आए थे। थाई अधिकारियों ने भीड़ को समझाया, लेकिन फिर हाथापाई शुरू हो गई। इसके बाद सेना को व्यवस्था बहाल करने के लिए आंसू गैस और रबर की गोलियों का इस्तेमाल करना पड़ा। आंसू गैस के कारण दोनों पक्ष अस्थायी रूप से पीछे हट गए।
उन्होंने बताया कि जब थाई अधिकारियों ने दोबारा अवरोधक लगाना शुरू किया तो हिंसा फिर भड़क उठी और सुरक्षा बलों ने अशांति को शांत करने के लिए आंसू गैस, रबर की गोलियां और एलआरएडी का इस्तेमाल किया।
शाम पांच बजे के बाद कंबोडियाई सैनिक पीछे हटने लगे। थाई सेना पर चिल्लाने लगे तथा पत्थर, लाठियां फेंककर और गुलेल चलाकर उन्हें घायल करने लगे। इसमें पांच थाई सैनिक घायल हो गए।
24 जुलाई को दोनों देशों के बीच शुरू हुआ था सीमा संघर्ष
कंबोडिया और थाईलैंड के बीच पांच दिनों तक चला भीषण सीमा संघर्ष 24 जुलाई को शुरू हुआ था। मलेशिया ने 28 जुलाई को मध्यस्थता करके युद्धविराम कराया था। रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा तब शुरू हुई, जब कंबोडियाई सैनिकों ने कथित तौर पर थाईलैंड के नागरिक इलाकों में तोपखाने और रॉकेट दागे, जिसके जवाब में थाईलैंड ने हवाई हमले किए। हालांकि अब तक युद्धविराम कायम है, दोनों देशों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
28 जुलाई को संघर्षविराम तब लागू हुआ, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों को आर्थिक दबाव में लेकर चेतावनी दी कि अगर संघर्ष बंद नहीं हुआ, तो अमेरिका उनके साथ कोई व्यापार समझौता नहीं करेगा। संघर्षविराम के बाद एक अगस्त को अमेरिका ने इन देशों से आयात होने वाले सामान पर टैरिफ 36 फीसदी से घटाकर 19% कर दिया।
कुआलालंपुर में रक्षा अधिकारियों की हालिया बैठक गुरुवार को युद्धविराम बढ़ाने पर सहमति के साथ संपन्न हुई। दोनों पक्ष आगे की शत्रुता को रोकने के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के पर्यवेक्षकों को विवादित सीमा क्षेत्रों का निरीक्षण करने की अनुमति देने पर भी सहमत हुए।