नेपाल सरकार ने रविवार को इस आधार पर भारतीय मूल के 8 लोगों की नागरिकता रद्द कर दी कि उन्होंने जाली दस्तावेजों के माध्यम से नागरिकता प्रमाण पत्र प्राप्त किया है। एक अधिकारी ने बताया कि आठ व्यक्तियों की नागरिकता प्रमाण पत्र को रद्द करने का निर्णय एक कैबिनेट बैठक में लिया गया था।
इन आठ व्यक्तियों की पहचान अशोक शाह, बिंदे महतो, राजेंद्र महतो, दानादेवी महतो, सुशील महतो, राजेश्वर महतो, रामकिशोर महतो और राजकुमार महतो के रूप में की गई है। इस बीच, राष्ट्रीय जनता पार्टी-नेपाल (आरजेपी-एन) के महासचिव राकेश मिश्रा ने कहा कि सरकार को इस तरह का निर्णय लेने से पहले मामले की ठीक से जांच कर लेनी चाहिए।
बकौल राकेश, ‘मुझे संदेह है कि क्या सरकार ने पर्याप्त सबूत जमा किए थे कि भारतीय नागरिकों को नेपाली नागरिकता प्रमाणपत्र दिया गया था। यह उन लोगों को दंडित करने का उपहास है, जो बिना उचित दस्तावेज के नागरिकता प्रदान करने के लिए जिम्मेदार उन अधिकारियों को दंडित किए बिना नागरिकता प्रमाणपत्र प्राप्त करते हैं।’