डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन की ओर से शनिवार को बड़े पैमाने पर हमलों के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया। इसमें कथित रूप से एक सीआईए सूत्र, स्टेल्थ ड्रोन बेड़ा और महीनों से बनाई जा रही योजना शामिल थी।
वेनेजुएला में धमाकों में अमेरिका की भूमिका को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर शनिवार शाम 4.21 बजे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विराम लगाया और अपने ट्रुथ सोशल खाते पर एक पोस्ट में लिखा कि अमेरिका ने एक सैन्य अभियान को सफलतापूर्व अंजाम दिया है और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी को पकड़ लिया है और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है।
ट्रंप के इस एलान ने कई लोगों को चौंका दिया और इस कार्रवाई की वैधता को लेकर सवाल खड़े होने लगे। हालांकि, मामले से परिचित लोगों ने कहा कि यह अभियान वर्षों में अमेरिका के सबसे जटिल मिशनों में से एक बनने वाला था। इसकी लंबे समय से तैयारी चल रही थी और इसके लिए व्यापक स्तर पर अभ्यास किए गए थे।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में इस अभियान की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका के विशेष अभियान बलों की ओर से कार्रवाई से पहले मादुरो की निगरानी की गई। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के एक एजेंट ने मादुरो की गिरफ्तारी से पहले उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। यह जानकारी अन्य मीडिया संस्थानों में भी प्रकाशित की गई है।
अगस्त से मादुरो की गतिविधियों पर नजर
रॉयटर्स ने एक सूत्र के हवाले से कहा, सीआईए ने अगस्त से वेनेजुएला में एक छोटी टीम तैनात की थी, जिसने मादुरो की रोजमर्रा की गतिविधियों और उनकी जीवनशैली का अध्ययन किया। इससे गिरफ्तारी अभियान को सुचारू रूप से अंजाम दिया जा सका। रॉयटर्स से बात करने वाले दो अन्य सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने मादुरो के करीबी एक व्यक्ति पर भी भरोसा किया, जो उनकी गतिविधियों पर नजर रखता था और जरूरत पड़ने पर उनकी सटीक लोकेशन बताने के लिए तैयार था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेल्थ ड्रोन के बेड़े के जरिये भी वेनेजुएला में मादुरो की लगातार निगरानी की जा रही थी।
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ऑपरेशन में देरी क्यों हुई
अमेरिकी सेना के अत्यधिक प्रशिक्षित बलों ने मादुरो के सेफ हाउस का एक डुप्लीकेट तैयार की और भारी सुरक्षा वाले परिसर में घुसने का कई बार अभ्यास किया। इस अभियान में आर्मी की डेल्टा फोर्स भी शामिल थी। सभी तैयारियां पूरी होने के बाद ट्रंप ने चार दिन पहले इस मिशन को मंजूरी दी। लेकिन सैन्य और खुफिया अधिकारियों ने मौसम में सुधार और बादल कम छाने तक इंतजार करने की सलाह दी। शनिवार तड़के मादुरो को पकड़ने का अभियान शुरू हुआ। फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित मार-ए-लागो से ट्रंप ने अपने सलाहकारों के साथ इस अभियान का सीधा प्रसारण देखा।
मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा: ट्रंप
रॉयटर्स के मुताबिक, कई घंटों तक चले इस अभियान की जानकारी इस मामले से परिचित चार लोगों के इंटरव्यू और ट्रंप की ओर से सार्वजनिक रूप से साझा किए गए विवरण पर आधारित है। मिशन पूरा होने के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, मैंने कई अच्छे ऑपरेशन किए हैं। लेकिन मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा।
15 हजार सैनिक और लड़ाकू विमान तैनात
पेंटागन ने कैरेबियाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती की थी। इसमें एक विमानवाहक पोत, 11 युद्धपोत और एक दर्जन से ज्यादा एफ-35 लड़ाकू विमान शामिल थे। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय से चल रहे मादक पदार्थ विरोधी अभियानों के तहत 15 हजार से अधिक अमेरिकी सैनिक इस क्षेत्र में भेजे गए थे। सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा ईंधन भरने वाले टैंकर, ड्रोन आदि के लिए इस्तेमाल होने वाले विमान भी चुपचाप तैनात किए गए थे।
ट्रंप, रूबियो और हेगसेथ ने महीनों तक बनाई योजना
एक सूत्र के मुताबिक, ट्रंप के सलाहकार स्टीफन मिलर, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और सीआईए निदेशक जॉन रैट्क्लिफ ने मिलकर एक समूह बनाया, जिसने महीनों तक इस योजना पर काम किया। इस दौरान नियमित और कभी-कभी रोजाना बैठकें और कॉल होती रहीं और राष्ट्रपति के साथ भी लगातार संपर्क बना रहा।
'बहुत बड़ी संख्या में विमान शामिल थे'
एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात से शनिवार सुबह तक ट्रंप और उनकी टीम मौजूद थी, जब कई अमेरिकी विमानों ने काराकास और उसके आसपास के ठिकानों पर हमले किए, जिनमें वायु रक्षा प्रतिष्ठान भी शामिल थे। फॉक्स न्यूज चैनल के कार्यक्रम 'फॉक्स एंड फ्रेंड्स' में ट्रंप ने विमानों की संख्या को 'बहुत बड़ी' बताया।
हवाई हमलों के बीच कराकास में दाखिल हुए अमेरिकी बल
जैसे-जैसे हवाई अभियान आगे बढ़ा, भारी हथियारों से लैस अमेरिकी विशेष बल काराकास में दाखिल हुए। अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि सैनिक शहर में कैसे घुसे, लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में हेलीकॉप्टरों को काफिले के रूप में काराकास के ऊपर उड़ते देखा गया।
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सेफ हाउस में घुसते ही मादुरो हिरासत में
मादुरो के सेफ हाउस पहुंचने के बाद अमेरिकी सैनिकों ने एफबीआई एजेंटों के साथ मिलकर उस घर में प्रवेश किया, जिसे ट्रंप ने 'बेहद कड़ी सुरक्षा वाला किला' बताया। ट्रंप ने कहा कि सैनिकों ने स्टील के दरवाजे तोड़कर कुछ ही सेकंड में स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।
मादुरो सुरक्षित कमरे तक नहीं पहुंच पाए
मादुरो और उनकी पत्नी को घर के अंदर कैसे काबू किया गया, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि मादुरो सुरक्षित कमरे तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इतनी तेजी से उन्हें पकड़ लिया गया कि वे वहां पहुंच ही नहीं सके। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस अभियान में कुछ अमेरिकी सैन्यकर्मी घायल हुए, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।