ब्रिटेन की एक अदालत ने गुरुवार को भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ फैसला सुनाया। कोर्ट ने भारत की दलीलों को मंजूर करते हुए मोदी को धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना करने के लिए कहा। ऐसे में नीरव को जल्द ही भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है। हालांकि अभी भी नीरव मोदी के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने का अवसर बाकी है। आइए जानते हैं नीरव मोदी के मामले में कब क्या हुआ...
- 29 जनवरी, 2018: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और अन्य के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज की और धोखाधड़ी का आरोप लगाया।
- 5 फरवरी, 2018: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कथित घोटाले की जांच शुरू की।
- 16 फरवरी, 2018: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नीरव मोदी के घर और दफ्तरों से 56.74 अरब रुपये के हीरे, सोना और आभूषण जब्त किए।