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कोर्ट ने माना नीरव मोदी ने रची सबूत मिटाने और गवाहों को डराने की साजिश, जानें कब क्या हुआ

Thu, 25 Feb 2021 05:08 PM IST
योगेश साहू पीटीआई, लंदन।
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नीरव मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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ब्रिटेन की एक अदालत ने गुरुवार को भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ फैसला सुनाया। कोर्ट ने भारत की दलीलों को मंजूर करते हुए मोदी को धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना करने के लिए कहा। ऐसे में नीरव को जल्द ही भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है। हालांकि अभी भी नीरव मोदी के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने का अवसर बाकी है। आइए जानते हैं नीरव मोदी के मामले में कब क्या हुआ...

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  • 29 जनवरी, 2018: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और अन्य के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज की और धोखाधड़ी का आरोप लगाया।
  • 5 फरवरी, 2018: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कथित घोटाले की जांच शुरू की।
  • 16 फरवरी, 2018: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नीरव मोदी के घर और दफ्तरों से 56.74 अरब रुपये के हीरे, सोना और आभूषण जब्त किए।
     

  • 17 फरवरी, 2018: सीबीआई ने मामले में पहली गिरफ्तारी की। पीएनबी के दो कर्मचारियों और नीरव मोदी के समूह के एक कार्यकारी को हिरासत में लिया गया था।
  • 17 फरवरी, 2018: सरकार ने पीएनबी धोखाधड़ी के संबंध में चार सप्ताह के लिए नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के पासपोर्ट निलंबित कर दिए।
  • 21 फरवरी, 2018: सीबीआई ने नीरव मोदी की फर्म के सीएफओ और उनकी फर्मों के दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया। अलीबाग में फार्महाउस को भी सील किया।

  • 22 फरवरी, 2018: ईडी ने नीरव मोदी और उसकी फर्मों से जुड़ी नौ लग्जरी कारों को जब्त किया।
  • 27 फरवरी, 2018: मजिस्ट्रेट अदालत ने हीरा व्यापारी नीरव मोदी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया।
  • 2 जून, 2018: इंटरपोल ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया।
  • 25 जून, 2018: नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग को लेकर ईडी ने मुंबई में एक विशेष अदालत का रुख किया।

  • 3 अगस्त, 2018: भारत सरकार ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का अनुरोध ब्रिटेन के अधिकारियों को भेजा।
  • 20 अगस्त, 2018: सीबीआई अधिकारियों ने इंटरपोल मैनचेस्टर से अनुरोध किया कि नीरव मोदी को हिरासत में लिया जाए ताकि बाद में भारतीय अधिकारियों को लंदन में उसकी मौजूदगी के बारे में सूचित किया जा सके।
  • 27 दिसंबर, 2018: यूके ने भारत को सूचित किया कि नीरव मोदी देश में रह रहा है।
  • 9 मार्च, 2019: ब्रिटिश अखबार 'द टेलीग्राफ' ने कहा कि नीरव मोदी का लंदन की सड़कों पर देखा गया और देश में उसकी उपस्थिति की पुष्टि की।
  • 9 मार्च, 2019: ईडी ने कहा कि ब्रिटेन की सरकार ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण अनुरोध को आगे की कार्यवाही के लिए ब्रिटेन की अदालत में भेज दिया है।

  • 18 मार्च, 2019: लंदन में वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने भगोड़े नीरव मोदी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया, जिसके बाद भारत सरकार के अनुरोध को ब्रिटेन के गृह कार्यालय ने अदालत में भेज दिया था।
  • 20 मार्च, 2019: नीरव मोदी को लंदन में गिरफ्तार किया गया और वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उसे जमानत देने से इनकार कर दिया।
  • 20 मार्च, 2019: नीरव मोदी ने महामहिम की जेल (एचएमपी) वैंड्सवर्थ को 29 मार्च तक भेज दिया।
  • 29 मार्च, 2019: लंदन में एक वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने नीरव मोदी की दूसरी जमानत अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि यह मानने के लिए पर्याप्त आधार हैं कि वह आत्मसमर्पण करने में विफल रहा। न्यायाधीश ने अगली सुनवाई के लिए 26 अप्रैल की तारीख तय की; जिसमें उसे वीडियो लिंक के माध्यम से पेश होने के लिए कहा गया।

  • 8 मई, 2019: नीरव मोदी ने तीसरी बार जमानत दी, ब्रिटेन की जेल में ही रहा।
  • 12 जून, 2019: ब्रिटेन की अदालत ने चौथी बार नीरव मोदी की जमानत को खारिज कर दिया, आशंका थी कि वह फरार हो जाएगा।
  • 22 अगस्त, 2019: नीरव मोदी की रिमांड 19 सितंबर तक बढ़ी, मई 2020 में ब्रिटेन से प्रत्यर्पण के लिए ट्रायल की उम्मीद जागी।
  • 6 नवंबर, 2019: ब्रिटेन की अदालत ने नीरव मोदी की नई जमानत अर्जी खारिज कर दी।
  • 11 मई, 2020: पीएनबी धोखाधड़ी मामले में नीरव मोदी का पांच दिवसीय प्रत्यर्पण परीक्षण ब्रिटेन में शुरू हुआ।
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  • 13 मई, 2020: भारतीय सरकार ने नीरव मोदी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में और सबूत पेश किए।
  • 7 सितंबर, 2020: ब्रिटेन की अदालत ने मुंबई के आर्थर रोड जेल का वीडियो माध्यम से दौरा किया।
  • 1 दिसंबर, 2020: नीरव मोदी की रिमांड बढ़ी, 2021 में अंतिम सुनवाई तय हुई।
  • 8 जनवरी, 2021: ब्रिटेन की अदालत ने 25 फरवरी को नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले में फैसला सुनाने का फैसला किया।
  • 25 फरवरी, 2021: ब्रिटेन की अदालत ने माना कि नियमों के तहत नीरव मोदी को धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों का सामना करने के लिए भारत में प्रत्यर्पित किया जा सकता है।
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