ईसाई धर्म के अनुयायियों ने युद्ध व अनिश्चितता से जूझ रही दुनिया में चिंता-भय को भुलाकर यीशु मसीह का जन्मोत्सव मनाया। न्यूयॉर्क के सेंट पैट्रिक कैथेड्रल में प्रार्थना सभा से पहले कार्डिनल टिमोथी डोलन ने पश्चिम एशिया के युद्धग्रस्त क्षेत्र के लिए प्रार्थना की।
उन्होंने इस्राइल-फलस्तीन का जिक्र करते हुए कहा, आज जब हम क्रिसमस मना रहे हैं, तो ऐसे में हमारा दिल इस पवित्र भूमि के बारे में सोच रहा है। इस पवित्र भूमि पर संकट के बादल हैं। पवित्र भूमि पीड़ा में है व घृणा और प्रतिशोध से जूझ रही है।
सीरिया में लोग लंबे गृहयुद्ध और आर्थिक प्रतिबंधों के नुकसान से अब भी जूझ रहे हैं। राजधानी दमिश्क में रोशनी के बावजूद जश्न फीका है। रूस-यूक्रेन में भी हालात बिगड़े हैं। यूरोप में महंगाई है। सभी जगह हालात सुधारने की प्रार्थना की गई।
पोप ने कहा, हमारा दिल बेथलेहम में
बेथलेहम के अस्तबल में यीशु का जन्म याद कर पोप फ्रांसिस ने क्रिसमस पर कहा कि ‘हथियारों का टकराव आज भी’ यीशु को ‘दुनिया में जगह पाने से रोकता है।’ पोप ने कहा, हमारा दिल बेथलेहम में है, जहां शांति जरूरी है।
रूस की अनदेखी कर यूक्रेन ने 25 दिसंबर को मनाया त्योहार
यूक्रेन में इस बार 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाया जा रहा है। इससे पहले यूक्रेन में 7 जनवरी को क्रिसमस मनाया जाता रहा है, क्योंकि अधिकांश रूढि़वादी इसी दिन क्रिसमस मनाते रहे हैं। लेकिन पहली बार अब इस तारीख में बदलाव किया गया है। इसका एक कारण रूस को अपमानित करना भी है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा, सभी यूक्रेनवासी एकजुट हैं।
हम सभी क्रिसमस एक साथ मनाते हैं, एक ही तारीख को, एक बड़े परिवार के रूप में, एक राष्ट्र के रूप में, एक एकजुट देश के रूप में। हम नए तरीके से जश्न मनाना चाहते हैं, पूरे यूक्रेन के साथ। हमारे स्वतंत्र यूक्रेन में एक साथ छुट्टी है, यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है।