अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदा मामले में बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल की ब्रिटिश लीगल टीम ने अपने मुवक्किल के भारत में उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र का दरवाजा खटखटाया है। मिशेल की लीगल टीम ने यएन से राहत की गुहार लगाई है। हालांकि, भारत ने उत्पीड़न के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
मिशेल फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। उसके वकील ने संयुक्त राष्ट्र में दाखिल अपनी याचिका में कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सरकार उनके मुवक्किल को परेशान कर रही हैं।
याचिका में मिशेल की जल्द रिहाई की गुहार लगाई गई है। पिछले साल दिसंबर में मिशेल को यूएई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। इसके बाद से ही वह तिहाड़ जेल में है। यूएन में दाखिल याचिका में कहा गया कि भारत और यूएई के जांच अधिकारी अगस्ता वेस्टलैंड केस की जांच में मिशेल के साथ बुरा बर्ताव करने के साथ प्रताड़ित भी कर रहे हैं। इतना ही नहीं, तिहाड़ जेल में मिशेल को काफी बुरी दशा में रखा गया है और जांच अधिकारी मिशेल पर राजनीति से प्रेरित मनगढ़ंत बयान देने का दबाव बना रहे हैं।
अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर के 3,600 करोड़ रुपये के सौदे में मिशेल की अंतरिम जमानत याचिका हाल में दिल्ली की एक अदालत ने खारिज कर दी थी। मिशेल ने ईस्टर के अवसर पर धार्मिक सभा में हिस्सा लेने की इच्छा जताई थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से मिशेल की जमानत याचिका का विरोध करने पर कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी।