India-Pakistan: पाकिस्तानी सेना ने माना है कि मई में भारत के साथ चले चार दिन के सैन्य संघर्ष में चीन उसकी मदद कर रहा था। आईएसपीआर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधीर ने दावा किया कि चीनी हथियारों का प्रदर्शन 'असाधारण' रहा।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने पहली बार माना है कि भारत के साथ चार दिन चले सैन्य संघर्ष में चीन उनकी मदद कर रहा था। चौधरी ने दावा किया है कि मई में भारत के साथ हुए चार दिन के सैन्य संघर्ष के दौरान तैनात की गई चीनी हथियार प्रणालियों ने 'असाधारण' प्रदर्शन किया।
भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' की शुरुआत की थी। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसमें ड्रोन और मिसाइल हमले शामिल थे। इन हमलों में कई आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणालियां भारतीय सेना के तेज हमलों को रोकने में नाकाम साबित हुए थे। इसके बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ ने संघर्षविराम की गुहार लगाई, तब जाकर दोनों देशों ने दस मई को समजौते पर पहुंचकर संघर्षविराम को समाप्त किया।
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पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की खबर के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक जनरल चौधरी ने यह बयान ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में दिया। यह इंटरव्यू पिछले हफ्ते लिया गया था और सोमवार को प्रसारित हुआ।
अहमद शरीफ ने दावा करते हुए कहा, बिलकुल, हाल ही में जिन चीनी हथियार प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया, उन्होंने असाधारण प्रदर्शन किया। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा, हम हर प्रकार की तकनीक को अपनाने के लिए तैयार हैं। जनरल चौधरी ने भारत के इस दावे को भी खारिज किया कि संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने 12 सैन्य विमान गंवाए। उन्होंने कहा, पाकिस्तान ने कभी भी आंकड़ों और तथ्यों से खिलवाड़ नहीं किया है। पहले पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने कहा था कि मई में संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना ने चीनी जे-10सी लड़ाकू विमान का इस्तेमाल किया था।