ट्रंप ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के खिलाफ अपने हमलों को दोगुना करते हुए कहा था कि संस्थान को अपने यहां प्रवेश पाने वाले विदेशी छात्रों की संख्या को 15 प्रतिशत तक सीमित रखना चाहिए। इसके बाद अमेरिकी विदेशी मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका चीनी छात्रों के वीजा रद्द करेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हार्वर्ड को आपदा और यहूदी विरोधी बताने के बाद अमेरिकी विदेशी मंत्री मार्को रूबियो ने चीनी छात्रों को लेकर बड़ा बयान दिया है। मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका चीनी छात्रों के वीजा रद्द करेगा। इसमें वे छात्र भी शामिल होंगे, जिनका चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) से संबंध है। एक्स पर पोस्ट में रुबियो ने लिखा कि अमेरिका चीनी छात्रों के वीजा रद्द करना शुरू कर देगा। इसमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से संबंध रखने वाले या महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अध्ययन करने वाले छात्र भी शामिल होंगे। यह उच्च शिक्षा में विदेशी नामांकन पर नियंत्रण कड़ा करने का ट्रंप प्रशासन का बड़ा कदम है।
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ट्रंप ने कहा- विदेशी छात्र केवल 15% होने चाहिए
इससे पहले ट्रंप ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के खिलाफ अपने हमलों को दोगुना करते हुए कहा था कि संस्थान को अपने यहां प्रवेश पाने वाले विदेशी छात्रों की संख्या को 15 प्रतिशत तक सीमित रखना चाहिए।
कई छात्र कट्टरपंथी वामपंथी...
अमेरिका में आने वाले विदेशी छात्रों और छात्र वीजा मुद्दे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'हम शॉपिंग सेंटरों में विस्फोट नहीं देखना चाहते। हम आपके जैसे दंगे नहीं देखना चाहते.. मैं आपको बता दूं कि, उनमें से कई छात्र कहीं नहीं गए, उनमें से कई छात्र कट्टरपंथी वामपंथियों द्वारा पैदा किए गए उपद्रवी थे।'
31 प्रतिशत विदेशी छात्र पढ़ते हैं, कट्टरपंथी...
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'हार्वर्ड को हमें अपनी सूचियां दिखानी ही होंगी। उनके यहां लगभग 31 प्रतिशत विदेशी छात्र पढ़ते हैं। हम जानना चाहते हैं कि वे छात्र कहां से आते हैं, क्या वे उपद्रवी हैं, और वे किस देश से आते हैं... आप कुछ बहुत ही कट्टरपंथी लोगों को देखने जा रहे हैं।
हार्वर्ड में कट्टरपंथी इलाकों से आते हैं लोग
ट्रंप के मुताबिक हार्वर्ड में दुनिया के उन क्षेत्रों से लोग आते हैं जो बहुत कट्टरपंथी हैं। उन्होंने कहा, 'हम नहीं चाहते कि वे हमारे देश में उपद्रव करें। इसलिए मैंने कल देखा कि यूके के मध्य में, एक अच्छा युवक था जो हार्वर्ड के स्कूल में वापस जाना चाहता था, वह मुझे अच्छा लगा। लेकिन मैं उसका पासपोर्ट देखना चाहता हूं। ये देश हमारी मदद नहीं कर रहे हैं।'