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चीनी पत्रकार का दावा- उइगर मुस्लिमों की पहचान खत्म करना चीन का मकसद

Sat, 26 Sep 2020 12:41 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओस्लो (नार्वे)।
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : पीटीआई
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अमेरिका स्थित रेडियो फ्री एशिया (आरएफए) के लिए काम करने वाली पत्रकार गुलछेहरा होजा ने चीन को लेकर बड़ा खुलासा किया है। होजा ने कहा, चीन सरकार का एकमात्र मकसद उइगर मुस्लिमों की सांस्कृतिक, भाषाई और अन्य पहचान को पूरी तरह खत्म करना है। उन्होंने कहा, चीन सरकार ने मेरे अमेरिका में काम करने पर परिजनों और दोस्तों को काफी परेशान भी किया।

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ओस्लो फ्रीडम फोरम नामक मानवाधिकार फाउंडेशन में बोलते हुए होजा ने कहा कि जबसे उन्होंने आरएफए के लिए काम करना शुरू किया है तब से वह अपने घर नहीं लौट सकी हैं।


होजा चीन के शिनजियांग में सरकारी टीवी में काम करती थीं लेकिन उइगर मुस्लिमों के खिलाफ चीनी सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान की वजह से उन्होंने नौकरी छोड़ दी और अमेरिका चली आईं।
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होजा ने बताया, जब 2001 में मैंने यूरोप की यात्रा की थी तो पहली बार मैंने उइगर मुस्लिमों के अनकही दास्तां के बारे में रेडियो फ्री एशिया में सुना था। मुझे अचानक अपनी नौकरी का अहसास हुआ जिसका पत्रकारिता से भी कुछ नाता था। नौकरी पर रहते हुए मुझे अपने ही लोगों के खिलाफ झूठ बोलने को लेकर पछतावा है और मुझे लगता है कि चीन सरकार ने मेरा इस्तेमाल किया। फिर मैं चीन से बचकर निकली और अमेरिका से काम करना शुरू कर दिया। 

मुंह बंद रखने की धमकी भी मिली
गुलछेहरा होज ने बतया कि अमेरिका में रेडियो कार्यक्रम के लिए काम करने के कारण चीन सरकार ने न सिर्फ मेरे परिजनों व दोस्तों को परेशान किया बल्कि उन्होंने मुझे मुंह बंद रखने की धमकी भी दी। होजा ने कहा कि चीन के 1.8 मिलियन लोगों को चीन ने कैद करके रखा हुआ है। उन्होंने ने कहा कि चीन का तानाशाही रवैया पूरी तरह उइगरों को कुचलने पर आमदा है।

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