चीन ने ताइवान के मुद्दे पर अपना रुख सख्त कर लिया है। साथ ही उसने संदेश देने की कोशिश की है कि ताइवान की स्थिति की तुलना यूक्रेन से करना उसे पसंद नहीं है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी सोमवार को अमेरिका को ये चेतावनी देते नजर आए कि वह एशिया प्रशांत क्षेत्र में यूक्रेन जैसे हालात पैदा करने की कोशिश ना करे। वांग के इस बयान के बाद इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने की संभावना पैदा हो गई है।
चीन की संसद- नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की सालाना बैठक के मौके पर वांग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस मौके पर दिए गए बयान को चीन का नीति वक्तव्य समझा जाता है। चीनी विदेश मंत्री ने कहा- ‘इस क्षेत्र की जनता की शांति, विकास, सहयोग, और परस्पर लाभकारी परिणाम की अपेक्षाओं के खिलाफ अमेरिका की किसी पतित कार्रवाई का नाकाम होना तय है।’ उन्होंने कहा कि ताइवान के साथ सैनिक सहयोग और उसे हथियारों की बिक्री से न सिर्फ ताइवान के लिए खतरनाक स्थिति बनेगी, बल्कि उसके अमेरिका के लिए भी असहनीय नतीजे होंगे। वांग ने बेलाग कहा- ताइवान का आखिरकार अपनी मातृभूमि के साथ एकीकरण होना तय है।
अब चीन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि इस अमेरिकी रणनीति के सामने वह चुप नहीं बैठेगा। उसने पिछले शुक्रवार को एलान किया था कि वह दक्षिण चीन सागर में हफ्ते भर के सैन्य अभ्यास की शुरुआत करने जा रहा है। चीनी टीकाकारों ने कहा है कि इस सैन्य अभ्यास का मकसद यह संदेश देना है कि अमेरिकी चुनौती के मद्देनजर चीन सैन्य ताकत के इस्तेमाल से पीछे नहीं हटेगा। इन टीकाकारों के मुताबिक हाल में ताइवान जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौ सेना की गतिविधियां तेज हो गई हैं। उसी के जवाब में अब चीन अपना सैन्य अभ्यास करने जा रहा है।