China-Pakistan Relations: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पर दुनिया भर की नजरें हैं। वहीं आज पाकिस्तान में चीनी राजदूत ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की है।
पाकिस्तान में चीन के राजदूत जियांग जैडोंग ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर चर्चा की। वहीं चीन ने इस मुलाकात के बाद कहा है कि वह इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील करता है। चीनी दूतावास के अनुसार, जियांग ने शरीफ से मुलाकात के दौरान कहा कि चीन पाकिस्तान की सुरक्षा चिंताओं को समझता है और उसके राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा हितों की रक्षा के प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों से संयम बरतने और शांति व स्थिरता के लिए आपसी मतभेदों को बातचीत से सुलझाने का आग्रह किया।
शहबाज शरीफ ने चीन के रुख की सराहना की
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने चीन के रुख की सराहना की और कहा कि पाकिस्तान दक्षिण एशिया में शांति के लिए सभी पक्षों से संवाद और सहयोग के लिए तैयार है ताकि तनाव और न बढ़े। शरीफ ने चीन के रचनात्मक प्रयासों की भी तारीफ की जो क्षेत्र में स्थिरता लाने में मदद कर रहे हैं। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है।
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चीन ने भी की थी आतंकी हमले की निंदा
27 अप्रैल को पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी से फोन पर बात की थी और क्षेत्रीय हालात की जानकारी दी थी। वांग यी ने कहा कि चीन इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को दुनिया की साझा जिम्मेदारी बताया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष न तो उनके मूल हित में है और न ही यह क्षेत्रीय शांति के लिए फायदेमंद है। चीन ने इस आतंकी हमले की निष्पक्ष और जल्द जांच की मांग की है।
भारत-पाकिस्तान दोनों दक्षिण एशिया के अहम देश- चीन
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने भी कहा कि बीजिंग भारत-पाक तनाव को शांत करने के लिए उठाए जा रहे हर कदम का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों दक्षिण एशिया के अहम देश हैं और इनके बीच सौहार्दपूर्ण रिश्ते पूरे क्षेत्र की शांति, स्थिरता और विकास के लिए जरूरी हैं।