चीन इस साल जुलाई से पहले अरूणाचल प्रदेश से लगने वाली भारतीय सीमा के नजदीक तिब्बत तक बुलेट ट्रेनों का संचालन शुरू कर देगा। यह चीन के सभी प्रांतों तक हाई-स्पीड ट्रेन सेवाओं की एक शुरूआत है।
435 किमी लंबा रेल मार्ग पर हाई स्पीड ट्रेन
चीन की सरकारी रेलवे ग्रुप कंपनी लिमिटेड के बोर्ड के अध्यक्ष लू डोंगफू ने सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ से कहा कि 435 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर आंतरिक दहन और बिजली से चलने वाली हाई-स्पीड फक्सिंग ट्रेन चलाई जाएगी।
2014 से शुरू हो गया था निर्माण
प्रांतीय राजधानी ल्हासा और पूर्वी तिब्बत के निंगची के बीच रेलवे लाइन का निर्माण 2014 में शुरू हो गया था । यह तिब्बत का पहला ऐसा रेल मार्ग है, जहां बिजली से ट्रेन चलेगी। इस मार्ग पर जून 2021 में परिचालन शुरू होना है। रेल पटरी बिछाने का काम 2020 में पूरा हो चुका है।
गति 350 किमी प्रति घंटे तक
चीन का लक्ष्य 2025 तक हाई स्पीड ट्रेन का नेटवर्क 50 हजार किलोमीटर तक करने का है। हाई स्पीड ट्रेन का नेटवर्क 2020 के अंत तक 37,900 किलोमीटर था। उन्होंने बताया कि चीन में निर्मित फक्सिंग ट्रेनों की गति अब बढ़कर 160 किलोमीटर से 350 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच पहुंच गई है।