वुहान डायरी में शहर के माहौल का जिक्र करने के बाद जब उन्होंने सरकारी बदइंतजामों के बारे में लिखना शुरू किया तो बवाल मच गया। फेंग ने अपनी डायरी में सरकारी व्यवस्थाओं की दुर्दशा का जिक्र करते हुए लिखा- अस्पतालों में जगह नहीं है, मरीज भगाए जा रहे हैं, मास्क और चिकित्सा उपकरणों की कमी है। अपने एक डॉक्टर मित्र के हवाले से फेंग ने लिखा कि, उन्होंने अपने अधिकारी से कहा कि यह बीमारी इंसान से इंसान के बीच बहुत तेजी से फैल रही है, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
फेंग ने एक इंटरव्यू में इसका जिक्र करते हुए कहा, 'मैंने सच्चाई लिखना जारी रखा और अब मुझे जान से मार देने की धमकियां मिल रही हैं।' बता दें कि चीन में मीडिया पर सख्त पाबंदियां हैं। फेंग की इस डायरी को लेकर अमेरिका सहित कई देशों ने चीन पर सवाल खड़े किए। इसके बाद फेंग की समस्याएं बढ़ गईं। कुछ लोगों ने तो उन्हें देश विरोधी तक कह डाला। आरोप लग रहा है कि उन्होंने इस डायरी के माध्यम से दूसरे देशों को चीन के खिलाफ इस्तेमाल होने वाला हथियार दे दिया है। उन पर पैसे लेकर यह डायरी लिखने का आरोप भी लगाया जा रहा है।
76 दिन चला था लॉकडाउन
बता दें कि चीन के वुहान में कोरोना वायरस का पहला मामला पिछले साल दिसंबर में सामने आया था। 23 जनवरी को यहां बेहद सख्त लॉकडाउन किया गया था जो आठ अप्रैल तक यानी 76 दिन तक चला था। चीन सरकार के मुताबिक अब वहां स्थिति सामान्य है। इसी लॉकडाउन के दौरान फेंग ने वुहान डायरी लिखनी शुरू की थी। चीन में कोरोना वायरस के कुल 82 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। यहां बीते दिनों 30 नए मामले सामने आए हैं। यहां इस जानलेवा महामारी की वजह से 4,632 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां अभी भी कोरोना वायरस के 1005 सक्रिय मामले हैं, इनमें से 78 की स्थिति गंभीर है।