भारत और चीन के बीच सीमा पर चल रही तनातनी जल्द ही खत्म हो सकती है। चीनी सेना ने इसके संकेत दिए हैं। लद्दाख गतिरोध से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए भारत और चीन की सेनाओं के बीच हाल ही में 15वें दौर की कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी। गुरुवार को चीनी सेना ने कहा कि ये बातचीत सकारात्मक रही है। इस दौरान चीनी सेना ने इस मसले पर तीसरे पक्ष की दखलंदाजी से तौबा किया है।
चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल वू कियान ने कहा कि चीन और भारत बातचीत के माध्यम से सीमा मुद्दे को ठीक तरह से संभालने के लिए आपस में सहमत हुए हैं। उन्होंने ये टिप्पणी भारत-प्रशांत सुरक्षा मामलों पर अमेरिकी सहायक रक्षा सचिव एली रैटनर के बयान पर दी।
एली रैटनर ने कहा था कि भारत वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। साथ ही उन्होंने कहा था कि हम भारत को चीन से लगती सीमा (एलएसी) के लिए जरूरी सहयोग जारी रखेगा।
प्रवक्ता कर्नल वू कियान ने कहा कि सीमा का मुद्दा भारत और चीन के बीच का आपसी मामला है। उन्होंने कहा कि 11 मार्च को दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई 15वें दौर की कोर कमांडर स्तर की बैठक में दोनों पक्ष किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप का कड़ा विरोध करते हुए बातचीत के द्वारा इसे सुलझाने के लिए सहमत हुए हैं।
चीनी सेना ने कहा कि लद्दाख गतिरोध से जुड़े हुए अन्य मुद्दों का समाधान होने से क्षेत्र में शांति बहाल करने में आसानी होगी। साथ ही दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों भी मजबूत होंगे।