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China-Taiwan: चीन ने ताइवान की घेराबंदी तेज की, दक्षिण चीन सागर में विमानवाहक पोत के साथ किया युद्ध अभ्यास

Fri, 26 Aug 2022 10:11 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की नौसेना ने दक्षिण चीन सागर में एक विमानवाहक युद्धपोत के सागर युद्ध अभ्यास किया। ताइवान के खिलाफ चीन की आक्रामता के चलते तनाव बना हुआ है।
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दक्षिण चीन सागर में चीन के विमानवाहक पोत ने किया युद्ध अभ्यास (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चीन ने ताइवान की घेराबंदी तेज कर दी है। इसी क्रम में उसके एक विमानवाहक पोत ने दक्षिण चीन सागर में युद्ध अभ्यास किया। इस युद्ध अभ्यास में परमाणु पनडुब्बी समेत नौसैनिक जहाजों का एक समूह  शामिल था।  
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पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की नौसेका दूसरा विमानवाहक पोत शानदोंग ने हाल ही में दक्षिण चीन सागर में एक व्यापक युद्ध अभ्यास किया था। शानदोंग चीन का पहला घरेलू निर्मित विमानवाहक पोत भी है। राज्य संचालित ग्लोबल टाइम्स ने शुक्रवार को विश्लेषकों के हवाले से कहा कि यह दिखाता है कि विमानवाहक दूर समुद्र के ऑपरेशन के लिए तैयार हो रहा है। 
  
बुधवार को पीएलए की साउथ सी फ्लीट की ओर से प्रेस नोट जारी किया गया था। इसमें कहा गया कि शानदोंग ने दक्षिण चीन सागर में एक अज्ञात क्षेत्र में रियलिस्टिक कौम्बेट-ओरिएंटेड एक्सरसाइज की ताकि बल की लड़ाकू क्षमताओं का व्यापक परीक्षण किया जा सके। 
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प्रेस नोट में कहा गया कि अभ्यास के दौरान शानदोंग ने कैरियर आधारित फाइटर जेट जे-15 के टेक-ऑफ और लैंडिंग ऑपरेशन की मेजबानी की और समुद्र संचालन में पुन: पूर्ति संचालन का अभ्यास किया।

दक्षिण चीन सागर में अपने लड़ाकू समूह के साथ शानदोंग का अभ्यास ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी की हालिया ताइवान यात्रा के बाद से लगातार युद्ध अभ्यास कर रहा है। पेलोसी बीते पच्चीस वर्षों में ताइवान की यात्रा करने वाली शीर्ष अमेरिकी अधिकारी हैं। उनकी यात्रा के बाद से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। 

युद्ध अभ्यास करने वाले विमानवाहक पोत पर यह रिपोर्ट तब है जब पेलोसी के हाई-लेवल दौरे के बाद कई अमेरिकी सांसदों ने ताइवान का दौरान करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को अमेरिकी सांसद मार्शा ब्लैकबर्न ने ताइपे का दौरा किया और ताइवान की राष्ट्रपति साइ-इंग-वेन से मुलाकात की। 

पेलोसी की यात्रा के बाद चीन ने युद्ध अभ्यास तेज कर दिए थे। उसने मिसाइलें स्वशासित द्वीप के चारों ओर युद्धक विमान और जहाज भेजे। इसके अलावा ताइवान के आसपास मिसाइलें भी दागीं। चीन, ताइवान को अपने देश का अभिन्न हिस्सा मानता है। जबकि ताइवान खुद को एक स्वतंत्र देश मानता है।
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