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चीन के मीडिया ने भारत को 'गंभीर परिणाम' भुगतने की दी धमकी

Mon, 25 Jul 2016 11:33 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला,दिल्ली
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- फोटो : getty images
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चीन के तीन पत्रकारों का वीजा न बढ़ाने के बाद चीन के सरकारी मीडिया ने कहा,'भारत को इसके गंभीर परिणान भुगतने होंगे।' इन तीनों जर्नलिसट को भारत से 31 जुलाई तक वापस चीन जाना होगा। चीन के ग्लोबल टाइम्स ने लिखा,'चीन द्वारा एनएसजी ग्रुप की सदस्यता के लिए भारत का विरोध करने के बाद भारत पत्रकारों को वीजा ना देकर बदला ले रहा है।'
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चीन के ये तीनों पत्रकार सरकारी शिंहुआ न्यूज एजेंसी के हैं। भारत ने तीनों पत्रकारों की गतिविधियों को देखते हुए इन्हें भारत में और रहने की इजाजत देने से मना कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक तीनों जर्नलिस्ट पर अपने काम की हद से बाहर की जा रही गतिविधियों की वजह से सुरक्षा एजेंसियों द्वारा इन पर कई महीनों से नजर रखी जा रही थी।

चीन के तीनों पत्रकारों के वीजे की समय सीमा जनवरी में ही समाप्त हो गई थी, लेकिन उसके बाद से भारत ने उनके वीजे को बढ़ाया था। अब ये तीनों पत्रकार मांग कर रहे हैं कि जब तक उनकी जगह अन्य जर्नलिस्ट ना आ जाएं तब तक उन्हें भारत में रहने दिया जाए। चीन के ये पत्रकार दिल्ली और मुंबई में हैं। ब्यूरो चीफ वू क्यांग दिल्ली और दो रिपोर्टर मुंबई में हैं।
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भारत पर नकारात्मक असर पड़ेगा

- फोटो : getty images
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा,'वीजे के मसले पर हमें कड़ी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। ताकि कुछ भारतीयों को कम से कम यह महसूस हो कि चीन का वीजा पाना भी इतना आसान नहीं। वीजा न देने और रिनुअल से मना करने के लिए भारत ने कोई आधिाकारिक कारण नहीं दिया है। भारत का मीडिया दावा कर रहा है कि तीनों जर्नलिस्ट फर्जी नाम से दिल्ली और मुंबई में  प्रतिबंधित विभागों में जाते थे।'

चीन के अखबार का कहना है,'चीन के तीन पत्रकारों का भारत द्वारा वीजा ना बढ़ाने से भारत और चीन के बीच इससे नकारात्मक संदेश गया है। और इससे भारत पर नकारात्मक असर पड़ेगा। अखबार ने अपने एडिटोरियल टाइटल में भारत के इस कदम को तुच्छ हरकत बताया है।'

हालांकि ग्लोबल टाइम्स ने अपने इस एडिटोरियल में भारत और चीन के बीच दोस्ती के संबंधों को बढ़ाने पर भी जोर दिया है। इसमें कहा गया,'चीन को भारत के प्रति मित्रतापूर्ण रणनीति रखनी चाहिए और हम मानते हैं दोनों देशों की द्विपक्षीय मैत्री भारत के हित में भी है।' 
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