अमेरिकी एयरलाइंस को चीन के एक यात्री के साथ दुर्रव्यवहार करना महंगा पड़ सकता है। चीनी विशेषज्ञों द्वारा स्टेट मीडिया को बताया कि चीनी नागरिकों को द्वारा अमेरिकी एयरलाइंस का कड़ा विरोध करने के बाद कंपनी का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
इस घटना पर चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स में बताया गया कि पिछले साल अमेरिकी एयरलाइंस कंपनी ने चीनी यात्रियों से 2.2 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू इकठ्ठा किया था जो कि कंपनी के कुल रेवेन्यू का 6.1 प्रतिशत हिस्सा था।
बीते रविवार इंटरनेट पर एक चीनी यात्री को फ्लाइट से जबरदस्ती बाहर निकालने वाला एक वीडियो वायरल हुआ था। यात्री ने फ्लाइट से निकलने से मना कर दिया तो शिकागो पुलिस का सहारा लेकर उसे फ्लाइट से जबरन उतारा गया। इस घटना के बाद पूरे चीन में अमेरिकी एयरलाइन के खिलाफ जबरदस्त गुस्से का इजहार किया गया।
सिविल एविएशन यूनिवर्सिटी ऑफ चाइना के एक प्रोफेसर ली जियाजिन ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि हाल के कुछ वर्षों में चीन की एक बड़ी आबादी चीन-यूएस हवाई मार्ग का इस्तेमाल करती है। साल 2016 में इस हवाई मार्गों पर यात्रियों की संख्या 30% सालाना की दर से बढ़ी है।'
ली ने बताया कि भविष्य में अमेरिकी एयरलाइन का बिजनेस चीन में इस बात पर निर्भर करेगी की वह हमारे यात्रियों के साथ कैसा व्यवहार करती है और भविष्य में इस तरह की स्थितियों से निपटने के लिए क्या योजना बनाती है।