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रक्षा मंत्री अरुण जेटली के बयान पर चीन का जवाब, बोला- ये 1962 वाला चीन भी नहीं

Tue, 04 Jul 2017 08:03 AM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
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चीन सैनिक - फोटो : reuters
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भारत और चीन के बीच सिक्किम बॉर्डर पर छिड़ा विवाद थम नहीं रहा है। बॉर्डर पर अड़ियल रवैया अपनाने वाले चीन ने इसका ठीकरा खुद भारत ही फोड़ दिया है। चीन विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत की ओर से बॉर्डर पर उठाए जा रहे कदम किसी विश्वासघात से कम नहीं है। गौरतलब है कि रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि अब 1962 का भारत नहीं है। इस पर चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि 1962 वाला चीन भी नहीं है।
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दरअसल, सिक्किम से लगती सीमा पर असल विवाद की जड़ है डोकुला का वो चौराहा, जो भारत-चीन और भूटान को एक साथ जोड़ता है। इसी इलाके में निर्माण को लेकर भारत और चीन आमने सामने हैं। हालांकि भारत का सीधा झगड़ा चीन से नहीं है, बल्कि भूटान का रक्षा सहयोगी होने के कारण भारत को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा है। वहीं कई दशकों में यह पहली बार हुआ है कि विवाद एक महीने लंबा खिंच गया है, ऐसे में दोनों देशों के बीच जंग की आशंकाएं एक बार‌ फिर सर उठाने लगी हैं।

चीन ने अपने सैनिकों के लिए यहां पर सड़क निर्माण का काम शुरू किया, लेकिन भूटान ने इसका विरोध किया। भारत ने भूटान को सही मानते हुए चीन का विरोध किया। इसी बात से नाराज चीनी सेना ने अड़ियल रवैया अपनाया और भारतीय सेना के सीमा पर बंकर तोड़ दिया। साथ ही उन पर घुसपैठ का आरोप भी लगा दिया। 
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भारत ने पहले इस बातचीत के जरिए खत्म करने की कोशिश की, लेकिन चीन के ऐसे व्यवहार के बाद भारत को बॉर्डर पर 3000 सैनिक तैनात करने पड़े हैं। इसी वजह से बौखलाया चीन भारत के खिलाफ बोले जा रहा है।

दो दिन पहले ही चीन के विदेश मंत्री ने अपरोक्ष रूप से भारत को धमकी देते हुए 1962 के युद्ध से सीख लेने की नसीहत दी थी, अब चीनी मीडिया और एक थिंक टैंक ने दोनों देशों के बीच युद्ध के आसार की भविष्यवाणी कर दी है।
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