चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी सरकार के खिलाफ तख्तापलट की कोशिश को नाकाम कर दिया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से घबराए कम्युनिस्ट पार्टी के प्रभावशाली नेताओं ने यह साजिश रची थी।
कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव के रूप में दूसरा कार्यकाल संभालने जा रहे जिनपिंग ने अपनी सूझबूझ से पार्टी को बड़े खतरे से बचा लिया था। पार्टी के एक बड़े नेता और चाइना सिक्योरिटीज रेगुलेटरी कमीशन के चेयरमैन ल्यू शियू ने यह सनसनीखेज खुलासा पार्टी की 19वीं कांग्रेस की बैठक से इतर हुई एक चर्चा के दौरान किया।
हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार ल्यू ने बताया कि पार्टी के असंतुष्ट नेताओं ने सत्ता हथियाने के लिए यह साजिश रची थी। उनमें पार्टी की पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी की सदस्यता के दावेदार सुन झेनसाई और उनकी पत्नी भी शामिल थीं।
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चीन के महानगर चोंगक्विंग के पार्टी प्रमुख झेनसाई और उनकी पत्नी को जिनपिंग ने तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया। बाद में दोनों को जांचकर्ताओं के हवाले कर दिया गया।
झेनसाई के खिलाफ इस कार्रवाई ने चीन के लोगों को बो शिलाई की याद दिला दी। पांच साल पहले जिनपिंग को चुनौती देने वाले शिलाई फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
झेनसाई के अलावा सुरक्षा प्रमुख झाऊ योंगकांग एवं कई उच्चपदस्थ जनरलों के खिलाफ भी तख्तापलट के मामले में कार्रवाई की गई है। बो शिलाई की तरह झाऊ को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस बारे में चीन में काफी समय से अफवाहें उड़ रही थीं, लेकिन पहली बार किसी उच्चपदस्थ नेता ने इसकी पुष्टि की है।