चीन के वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट के खिलाफ भारत ही नहीं दूसरे देशों ने भी आपत्ति जताई है। चीन की राजधानी बीजिंग में हुई समिट में भारत ने हिस्सा नहीं लिया है। बताया जा रहा है कि इस समिट के नतीजों को लेकर मिली सयुंक्त विज्ञप्ति के अनुसार चीन अपने इस प्रोजेक्ट को पूर्ण रूप नहीं दे पाया है।
ईटी की खबर के मुताबिक चीन प्रोजेक्ट को लेकर आगे नहीं बढ़ सका है और कई देशों ने विज्ञप्ति में मिली जानकारी के बाद आपत्ति जताई है। इसके पीछे कारण है प्रोजेक्ट के रणनीतिक और आर्थिक परिणामों पर चिंता होना। पर्यावरण की सुरक्षा और पारर्दशिता में कमी दिखने पर जर्मनी, ब्रिटेन, ग्रीस, पुर्तगाल और एस्टोनिया की ओर से विरोध जताया गया है। रूस के राष्ट्रपति ने भी प्रोजेक्ट की समिट के पहले दिन ही इसको लेकर विचार करने पर जोर दिया था। केन्या के राष्ट्रपति उहुरु केन्याता ने भी इसे लागू करने को लेकर पूर्ण पारर्दशिता पर जोर दिया है।
बता दें कि सुंप्रभुता और अंखड़ता पर वार के चलते भारत ने OBOR से जुड़े चीन-पाक के CPEC कॉरिडोर का विरोध किया था। पाक अधिकृत कश्मीर से गुजरने पर भारत चीन-पाक का लगातार विरोध कर रहा है। हालांकि, विज्ञप्ति में कहा गया है कि देशों की संप्रभुता का सम्मान करने, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन और आपसी सहयोग से इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाना है।