राष्ट्रपति शी जिनपिंग बुधवार को दूसरी बार चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के प्रमुख चुने गए। शी का यह कार्यकाल पांच वर्ष का होगा। सीपीसी की पांच वर्ष में एक बार होने वाली बैठक में नए नेतृत्व का चुनाव किया जाता है, जिसमें पार्टी के प्रमुख सहित पोलित ब्यूरो के सदस्यों को चुना जाता है।
बंद दरवाजे के भीतर हुए मतदान में 64 वर्षीय जिनपिंग को पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति का अध्यक्ष चुना गया। पोलित ब्यूरो के पांच सदस्य भी चुने गए हैं। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल से इस कार्यक्रम का दुनिया भर में सीधा प्रसारण किया गया। वहीं प्रीमियर ली केकियांग ने सभी-शक्तिशाली सात सदस्यीय समिति पर अपनी सीट कायम रखी, जिनमें पांच नए चेहरे हैं।
बैठक के दौरान पांच नए सदस्यों ने 68 वर्ष की आयु पूरी कर सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों का स्थान लिया। अपने संबोधन में जिनपिंग ने कांग्रेस (बैठक) की खबरें सभी तक पहुंचाने के लिए कडी मेहनत करने पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया को धन्यवाद दिया। उन्होंने चीन के आधुनिकता के नए युग में प्रवेश पर बातें कीं।
दूसरी शताब्दी के लक्ष्य भी करने हैं प्राप्त
जिनपिंग ने कहा, ‘जब मैं अगले पांच सालों को देखता हूं, तो मैं कई महत्वपूर्ण अवसर देख पाता हूं। पार्टी के 19वें और 20वें सम्मेलन के बीच पांच वर्ष का समय वह वक्त है जब दो शताब्दी लक्ष्यों का प्राप्त किया जाएगा।’
उन्होंने यह भी कहा कि हमें ना सिर्फ पहले बल्कि दूसरी शताब्दी के लक्ष्यों की प्राप्ति पर भी काम करना है। दशकों का कठिन परिश्रम और चीनी तत्वों वाला समाजवाद नए युग में प्रवेश कर चुका है। हमें नया रुप धारण करना चाहिए और सबसे जरूरी है कि हमें नई उपलब्धियां हासिल करनी चाहिए।
विचारधारा संविधान में शामिल
सीपीसी ने सम्मेलन के अंतिम दिन जिनपिंग की विचारधारा को अपने संविधान में शामिल किए जाने को मंजूरी दे दी। गौरतलब है कि अभी तक पार्टी के संविधान में सिर्फ माओ त्से तुंग और उनके उत्तराधिकारी देंग शिआयोपिंग की विचारधारा शामिल है। देंग के विचारों को मरणोपरांत पार्टी संविधान में शामिल किया गया था।