ईरान के विदेश मंत्री ने रविवार को कहा कि वह परमाणु समझौते के ‘भविष्य की साफ रूपरेखा’ को लेकर आश्वस्त हैं। अमेरिका की तरफ से समझौते से हटने की घोषणा के बाद ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ विभिन्न देशों की यात्रा पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य समझौते को बचाना है। इस क्रम में जरीफ रविवार को चीन पहुंचे।
विदेश मंत्री जरीफ ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की। आईएसएनए न्यूज एजेंसी के अनुसार बीजिंग पहुंचते ही जरीफ ने कहा कि तेहरान सभी विकल्पों के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह समझौता जारी रहता है तो ईरान के लोगों के हित का आश्वासन मिलना चाहिए।
मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि चीन और अन्य देश इस व्यापक समझौते की भविष्य की रूपरेखा तैयार करने में सक्षम होंगे। साल 2015 में हुए इस समझौते के संबंध में जरीफ रूस और ब्रसेल्स भी जाएंगे।
चीन के विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई कि विभिन्न देशों की यात्रा से ईरान की वैधानिक राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के साथ ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि अमेरिका की तरफ से समझौते से बाहर होने की घोषणा से उसके यूरोपीय यूनियन के सहयोगियों के साथ ही चीन और रूस भी नाराज हैं।
चीन उन छह ताकतवर देशों में शामिल है जिन्होंने इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में अमेरिका, रूस, फ्रांस, यूके और जर्मनी शामिल थे।