ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय बाजार में अभी निवेश करने का मतलब है कि निवेशक को दहाई अंकों की आर्थिक विकास दर का लाभ मिलेगा। पहली तिमाही में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखी गई है। इसका मतलब है कि इसमें निवेश शुरू करने के लिए बेहतरीन मौका है।
रिपोर्ट के मुताबिक एक रिसर्च से पाया गया है कि समान जोखिम स्तर पर भारतीय बाजार में जुड़ने के बाद पोर्टफोलियो का अनुमानित रिटर्न बढ़ाया जा सकता है। छोटे और मझोले निवेशकों के लिहाज से विदेशी निवेश बाजार में प्रवेश करने की न्यूनतम सीमा ऊंची होती है। इसके कारण उन्हें इस क्षेत्र में प्रवेश करने में कठिनाई होती है। मौजूदा संस्थागत ढांचा के हिसाब से यह विदेश में निवेश करने का अनूठा अवसर है।
भारतीय बाजार का प्रदर्शन दुनिया में सर्वोत्तम
रिपोर्ट के मुताबिक हाल के रिसर्च बताते हैं कि निरंतर किए जा रहे सुधारों, आर्थिक आंकड़ों में हुए सुधार और लाभपरकता बढ़ने से भारतीय बाजार दुनिया में सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले बाजारों में एक हो गया है। रिपोर्ट में मार्च का उदाहरण पेश करते हुए कहा गया है कि चीन और अमेरिका के व्यापारिक तनाव के कारण अन्य एशियाई शेयर बाजारों से विदेशी पूंजी मौटे तौर पर बाहर निकली है। इसी बीच भारत में विदेशी पूंजी का निवेश बढ़कर 2.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इससे पता चलता है कि विदेशी निवेशक भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत का लोहा मानते हैं। एजेंसी