चीन के एक सरकारी अखबार ने कहा है कि भारत और चीन के संबंध जटिल बने रह सकते हैं क्योंकि महाशक्ति बनने की भारत की आकांक्षा चीन के लिए चुनौती पैदा करेगी। बुधवार को ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित लेख में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों के साथ करीबी संबंध बनाने के प्रयास कर सकता है ताकि वह पहले से अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।
अखबार ने लिखा, मोदी प्रशासन मौजूदा कूटनीतिक रणनीति में ज्यादा समायोजन नहीं करेगा, जिसे क्षेत्रीय दृष्टिकोण से परे और महाशक्ति का दर्जा पाने की कोशिशों के रूप में देखा जा सकता है। लेख में कहा गया है कि चीन के शंघाई सहयोग संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में शामिल होकर भारत और अधिक प्रभाव बढ़ाना चाहता है।