चीन का कहना है कि उसकी अरबों डॉलर की बेल्ट एंड रोड पहल (बीआरआई) को लेकर भारत का रुख संदेह वाला है। इस परियोजना का एक भाग चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) को लेकर जैसा भारत दावा करता है, क्षेत्र संबंधी कोई विवाद नहीं है।
चीन की विदेश विभाग की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, ‘हम बीआरआई पर सहयोग को लेकर बिल्कुल खुले हैं।’ चुनयिंग भारत में रूसी राजदूत निकलोय कुदाशेव के उस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दे रही थीं जिसमें निकलोय ने कहा था कि रूस चाहेगा कि बीआरआई पर भारत और चीन को अपने मतभेद दूर करें।
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हुआ ने कहा, ‘बीआरआई कई देशों के लिए फायदेमंद होगा। हमने कई बार कहा है कि सीपीईसी एक आर्थिक सहयोग है और किसी तीसरे पक्ष को निशाना बनाना इसका मकसद नहीं है।’
इससे पहले चीन ने इस बात को दोहराया कि 50 अरब डॉलर की सीपीईसी जो कि पाक अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरेगी एक संपर्क परियोजना है। यह परियोजना कश्मीर पर चीन के रुख को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं करेगी।
चीन का मानना है कि भारत और पाकिस्तान को बातचीत के जरिये इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए। भारत ने सीपीईसी पर यह कहते हुए आपत्ति जताई थी कि यह परियोजना विवादित क्षेत्र से होकर गुजरेगी। इसके साथ ही भारत ने इस साल मई में चीन की तरफ से आयोजित बेल्ट एंड रोड फोरम का भी बहिष्कार किया था।