एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले हफ्ते रणनीतिक वार्ता के दौरान भारत और चीन को संबंध सुधारने के लिए अपने कूटनीतिक रणनीति में बदलाव करना चाहिए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तीव्र प्रतिस्पर्धा की वजह से आर्थिक संबंध कमजोर हुए हैं।
बृहस्पतिवार को छपे लेख में कहा गया कि आर्थिक संबंधों में प्रतिस्पर्धाएं बढ़ी हैं और देशों के बीच व्यापार संबंध कमजोर हुए हैं। इस वजह से दोनों देशों को बड़े सावधानी से अपने राजनीतिक हालातों के साथ तालमेल बिठाना होगा। लेख में यह भी कहा गया कि पहले भारत-चीन रणनीति वार्ता बीजिंग में 22 फरवरी को होनी है और यह अपने कूटनीतिक बदलाव के लिए दोनों के लिए एक स्वर्णिम अवसर है। विदेश सचिव एस जयशंकर भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
चीन जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की भारत की मांग और भारत के परमाणु आपूर्ति समूह में प्रवेश में लगातार अड़ंगा लगा रहा है। इस वजह से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़े हैं। लिहाजा 22 फरवरी को होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में इस मसले पर भी विस्तार से चर्चा होनी है और एक पहल दोनों देशों के बीच खटास को दूर कर सकता है।