आपने कश्मीर की डल झील में तैरते हुए बोट हाउस को देखा होगा। नहीं तो उसके बारे में पढ़ा और सुना तो जरूर होगा। लेकिन क्या आपने किसी गांव या ऐसे समुदाय के बारे में सुना है जो हमेशा पानी में ही रहता है। आप कहेंगे ऐसा कैसे हो सकता है। मगर आपको जानकर हैरानी होगी कि चीन में ऐसा एक शहर मौजूद है जो बाहरी दुनिया से ताल्लुक नहीं रखता है। यहां के लोग 24 घंटे पानी में ही रहते हैं।
चीन के इस शहर का नाम निंगडे सिटी है। इसकी एक बस्ती हमेशा पानी में तैरती रहती है और यह 1300 साल पुरानी है। यहां अभी 8500 लोग रहते हैं। यहां रहने वाले सभी लोग मछुआरे हैं जिन्हें कि टांका कहा जाता है। इस
समुदाय के लोग नावों पर अपना घर बनाकर रहते हैं और मछलियां मारते हैं। इसी से उनकी जीविका भी चलती है।
कई सौ साल पहले टांका जाति के लोग मौजूदा शासकों के अत्याचारों से दुखी होकर समुद्र के किनारे आ गए थे। परिवार को बचाने के लिए
मछुआरों ने धीरे-धीरे नावों पर ही अपना घर बना लिया था। जब कभी खतरा आता तो यह अपनी नाव को समुद्र से दूर ले जाते थे। दक्षिण पूर्व चीन में इन मछुआरों का परिवार बदस्तूर अपनी परंपरागत नावों के मकान में अब भी रह रहे हैं। चूंकी ये हमेशा समुद्र में तैरते रहते हैं इसलिए टांका जाति के लोगों को 'जिप्सीज ऑफ द सी' भी कहा जाता है। यह लोग ना तो कभी किनारे पर आते हैं और न ही समुद्र के बाहर बसे लोगों के साथ कोई रिश्ता ही जोड़ते हैं।