फूड जांच के स्पेशल वाहन को गवर्नर सोलंकी ने दिखाई हरी झंडी
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उत्तर भारत की पहली मोबाइल फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी को चंडीगढ़ के प्रशासक व हरियाणा-पंजाब के गवर्नर कप्तान सिंह सोलंकी ने हरी झंडी दिखाकर उसे रवाना किया। इस मौके पर एडवाइजर परिमल राय, होम सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल, डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डा. वनीता गुप्ता, पूर्व डीएचएस वीके गगनेजा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
सुखविंदर सिंह ने बताया कि मोबाइल फूड लेबोरेटरी में लोग दूध, पनीर, दाल सहित एक दर्जन से ज्यादा खाद्य पदार्थों की जांच करा सकेंगे। इसके लिए ग्राहकों को सिर्फ 30 रुपये देने होंगे। सोमवार से लेकर शुक्रवार तक यह शहर के अलग-अलग स्थानों पर खड़ी होगी।
सुबह नौ बजे से लेकर शाम चार बजे तक कोई भी व्यक्ति 30 रुपये देकर अपने खाद्य पदार्थों की जांच करा सकता है। सैंपल देने के पांच से दस मिनट के भीतर टेस्टिंग रिपोर्ट भी मिल जाएगी। फिलहाल उत्तर भारत में ऐसी कोई लैब नहीं है। मोहाली में कुछ मोबाइल लैब हैं, जो सिर्फ दूध की जांच करती हैं।
दूध टेस्टिंग की विशेष मशीन मिली
चंडीगढ़वासियों को शुद्ध दूध मिले, इसके लिए केंद्र सरकार ने एक और कदम उठाया है। सरकार ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ को दूध टेस्टिंग की एक एक स्पेशल मशीन देगी। सोमवार को चंडीगढ़ में मशीन आ जाएगी। उसके बाद दूध पर पूरी तरह से सर्विलांस रखा जाएगा। दूध में क्या-क्या मिलावट होती है, उसकी एक जांच रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी।
फूड सेफ्टी विंग के डेजिग्नेटेड आफिसर सुखविंदर सिंह ने बताया कि शहर में दूध के मिलावट के बहुत कम केस सामने आते हैं। समय-समय पर दूध की जांच होती रहती है। यहां दूध में पानी के अलावा कोई दूसरी मिलावट देखने को नहीं मिली है। इसके बावजूद दूध को फिर से एक हाई लेवल स्टैंडर्ड की मशीन से चेक किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की कोई गुंजाइश न रहे। अलग-अलग कंपनी और दूधियों के दूध की जांच कर उसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी, ताकि आगे कुछ नई गाइडलाइंस तैयार की जा सके।