तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की हत्या करने की साजिश के दावे को चीन ने खारिज करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने के लिए यह दलाई लामा का स्टंट है।
दरअसल, हिमाचल के धर्मशाला में तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के घर के पास कई चीनी जासूसों के पकड़े जाने की खबरें सामने आई थीं, जिनमें चीन की ओर से उनकी हत्या कराए जाने की कोशिश करने का दावा किया गया था।
हालांकि इस रिपोर्ट के बाद धर्मशाला में उनके आवास के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई। ग्लोबल टाइम्स अखबार के मुताबिक तिब्बती अधिकारियों ने चीन की ओर से दलाई लामा की हत्या की कोशिशों के दावे से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह दलाई लामा का अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचने के लिए स्टंट हैं।
चीन को आरोपित करने की कोशिश
तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की आधिकारिक वेबसाइट में कहा गया कि धर्मशाला में
मैकलोडगंज में दलाई लामा की सुरक्षा में अतिरिक्त तैनाती करके भारत में
पुलिस चीन को आरोपित करने की कोशिश कर रही है।
इसमें भारतीय मीडिया का हवाला
दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि कई चीनी
जासूसों के पकड़े जाने के बाद दलाई लामा की जान के खतरे को देखते हुए 2015
के आखिर में उनकी सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
वेबसाइट की रिपोर्ट में कहा गया कि
दलाई लामा की हत्या करने के लिए चीन की ओर से जासूस भेजने का दावा पूरी
तरह से आधारहीन है।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ
इसमें यह भी गया कि वह अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित
करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वह अपने आंतरिक और बाहरी कलह को छिपाने के
लिए ऐसे स्टंट कर रहे हैं।
यह पहली बार नहीं है, जब दलाई लामा और उनके
समर्थकों ने चीन से ऐसा खतरा होने का दावा किया है। चीन के विदेश मंत्रालय
के प्रवक्ता हांग लेई ने मई 2012 में दलाई लामा की हत्या करने के लिए
प्रशिक्षित महिला एजेंटों को हायर करने के दावे को खारिज किया।