दुनिया के लिए सुपरपावर बनने की चीन की महत्वाकांक्षा को बड़ा झटका लगा है। एक तरफ वह दुनिया में अपनी टेक्नॉलाजी का डंका बजाता है, दूसरी तरफ उसने अंतरिक्ष में खुद के ही स्पेस स्टेशन पर नियंत्रण खो दिया है। चीन के इस स्पेस स्टेशन से दुनिया को बड़े खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
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चीन का 8.5 टन का स्पेस स्टेशन बेकाबू होने की वजह से कुछ महीनों में क्रैश होकर पृथ्वी से टकरा सकता है। 2016 में चीन के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा था कि उन्होंने स्पेस स्टेशन पर अपना नियंत्रण खो दिया है।
आधिकारिक बयान के मुताबिक यह स्टेशन 2017 से 2018 के बीच पृथ्वी से टकरा जायेगा। चीन की स्पेस एजेंसी ने यूएन को जानकारी देते हुए कहा कि इस बात की संभावना है कि 'टिंआगोंग-1' अक्टूबर 2017 से अप्रैल 2018 के बीच में पृथ्वी से टकरा जायेगा।
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पिछले कुछ हफ्तों से स्पेस स्टेशन ने ज्यादा तेजी से नीचे गिरना शुरू कर दिया है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रसिद्ध खगोल भौतिकीविद जोनाथन मैकडॉवेल ने कहा कि वो मानते हैं कि 2017 के आखिर में या 2018 की शुरुआत में स्पेस स्टेशन नीचे गिर जायेगा। हालांकि स्टेशन का ज्यादातर हिस्सा रास्ते में ही गल जायेगा लेकिन फिर भी उसके कुछ हिस्से पृथ्वी पर गिरेंगे।
आपको बता दें कि 'टिंआगोंग-1' को 2011 में लॉन्च किया गया था और इसकी मार्केटिंग चीन के शक्तिशाली राजनीतिक प्रतीक के रूप में रूप में की गयी थी। 2012 में चीन की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री लियू यांग इस स्पेस स्टेशन पर पहुंची थी।