चीनी सेना ने सोमवार को डोकलाम में विवादित क्षेत्र से अपने तंबू उखाड़ लिए और बुलडोजर तथा सड़क निर्माण के दूसरे उपकरण लेकर वहां से चली गई। भारत सरकार के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
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नाम न बताने की शर्त पर उन्होंने बताया कि दोकलम में जिस जगह चीन सड़क बनाना चाहता था वहां उसके 1700-1800 जवान मौजूद थे। अब सभी वहां से चले गए हैं। यहां तक कि चीनी सैनिकों द्वारा लगाया गया झंडा भी हटा लिया गया है।
भारतीय सैनिक भी गतिरोध वाली जगह से हट गए हैं। अब यह ‘असैन्यीकृत’ क्षेत्र है। दोकलम में भारतीय सैनिकों की संख्या ‘कुछ सौ’ में थी। दोकलम गतिरोध जून में शुरू हुआ था। उस समय भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों को सामरिक रूप से अहम दोकलम में सड़क निर्माण करने से रोक दिया था।
मोदी-जिनपिंग मुलाकात के बाद शुरू हुई गतिरोध दूर करने की प्रक्रिया नाम गुप्त रखने पर एक अन्य अधिकारी ने बताया कि दोनों देशों के बीच गतिरोध सुलझाने की प्रक्रिया जर्मनी के हैम्बर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई संक्षिप्त मुलाकात के बाद से ही शुरू हो गई थी।
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इसके बाद से ही दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के स्टेट काउंसलर यांग जिएची संपर्क में थे।