चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 'दुश्मन' पड़ोसियों को आगाह किया है कि हमारी चीनी जनता बेहद शांतिप्रिय है, पर अगर हमें परेशान किया गया या हमकर किसी भी तरह का हमला हुआ तो हमारी सेना उसे कड़ाई से कुचल देगी। शी जिनपिंग ने चीन के साथ चल रही तमाम देशों की तनातनी की ओर इशारा करते हुए कहा कि चीन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कभी समझौता नहीं करेगा और उसकी सेना ‘‘हर हमले’’ को विफल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
सेना की पोशाक पहनकर भारत को चेता गए शी जिनपिंग
दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 90 साल पूरे हो चुके हैं। पीएलए में करीब 23 लाख जवान हैं, जो पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं। पीएलए के 90 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शी जिनपिंग ने कहा कि हम किसी भी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल को चीन के किसी भी हिस्से को देश से कभी भी, किसी भी रूप में अलग करने की इजाजत नहीं देंगे। शी की यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब चीन और भारत के बीच सिक्किम सेक्टर में गतिरोध चल रहा है। इसके अलावा दक्षिणी चीन सागर में भी कब्जे को लेकर कई देशों के साथ तनातनी चल रही है।
हर किस्म के हमले को विफल कर देगी पीएलए
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शी जिनपिंग ने कहा कि चीनी जनता शांतिप्रेमी है। हम कभी आक्रामकता दिखाने या अपने क्षेत्र का विस्तार करने की कोशिश नहीं करते लेकिन हमें यह यकीन है कि हम हर किस्म के हमले को विफल कर सकते हैं।
शी जिनपिंग बोले- जंग के लिए तैयार रहें चीनी सैनिक
ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित समारोह में जिनपिंग ने कहा कि किसी को भी हमसे यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि हम अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और विकास संबंधी हितों के लिए नुकसानदायक कड़वे फल को निगल जाएंगे। इस दौरान चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग, सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के अन्य शीर्ष नेता और सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।
तीन दिन में दूसरी बार शी जिनपिंग ने झाला पीएलए की ताकत का रौब
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तीन दिन में यह दूसरी बार है, जब शी जिनपिंग ने अपनी सेनाओं की ताकत का रौब झाड़ा है। इससे पहले, 30 जुलाई को एक बड़ी परेड के दौरान शी ने कहा था कि हमारी बहादुर सेना में सभी हमलावर दुश्मनों को हराने की योग्यता है। हालांकि दोनों ही बार जिनपिंग ने सिक्किम के डोकलम सेक्टर को लेकर भारत-चीन के बीच जारी तनाव का जिक्र नहीं किया।
आखिर क्यों चीन के नेताओं के लिए गले की फांस बनता जा रहा है डोकलाम?
उनकी यह टिप्पणी एक ऐसे समय पर आई है, जब यहां विदेश और रक्षा मंत्रालय आधिकारिक तौर पर बड़े मीडिया अभियान चलाकर आरोप लगा रहे हैं कि भारतीय सैनिकों ने डोकलाम में चीनी क्षेत्र में घुसपैठ की है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने पिछले माह ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान अपने चीनी समकक्ष यांग जीची के साथ अलग से वार्ता की थी। पर दोनों ही देशों ने इन वार्ताओं के नतीजे पर चुप्पी साधी हुई है।