दुनिया भर में संचार सेवाएं मुहैया कराने के लिए चीन ने 300 ‘लो ऑर्बिट’ उपग्रहों का प्रक्षेपण करने की योजना बनाई है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, 300 उपग्रहों में से पहली सीरीज इस साल के अंत में प्रक्षेपित होगी। इसका नाम ‘होंगयान’ उपग्रह समूह है।
सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने कहा है कि मध्य चीन के हुनान प्रांत के चांगशा में ‘हुनान कॉमर्शियल एविएशन स्पेस एंड मरीन इक्विपमेंट फोरम’ में बृहस्पतिवार को इसकी घोषणा की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, ये सेटेलाइट चीन द्वारा डिजाइन और लांच किए जाने वाले ‘लो ऑर्बिट’ (निम्न कक्षीय) संचार उपग्रहों का पहला समूह होंगे। इन उपग्रहों से मजबूत सिग्नल मिलेंगे साथ ही चीन को आपदा राहत कार्यों में मदद मिलेगी।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने फरवरी में अपनी रिपोर्ट में इस कदम की जानकारी दी थी। ‘चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉर्पोरेशन’ के हवाले से कहा गया था कि चीन इस साल ‘होंगयान’ उपग्रह समूह का प्रक्षेपण करने वाला है।
जीपीएस को टक्कर देने के लिए बीडीएस बना रहा चीन
चीन पहले से ही अमेरिका के ‘ग्लोबल पोजिशिनिंग सिस्टम’ (जीपीएस) के जवाब में खुद का उपग्रह निगरानी तंत्र ‘बेइदू नेवीगेशन सेटेलाइट सिस्टम’ (बीडीएस) विकसित कर रहा है। चीन सैन्य कार्यों में जीपीएस पर निर्भरता को कम करने के लिए बीडीएस का इस्तेमाल करेगा।