अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन डोकलाम मुद्दे को लेकर घिरता नजर आ रहा है। अमेरिका और यूके के बाद अब जापान भी भारत के साथ खड़ा है। वहीं जापान के सपोर्ट के बाद चीन एक बार फिर तिलमिला उठा है। चीन के विदेश मंत्रालय ने जापान को चेतावनी दी है। चीन ने कहा कि जापान को डोकलाम मुद्दे पर कुछ भी बोलने से पहले अपने फैक्ट्स जांच लेने चाहिए।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हू चुनयांग ने शुक्रवार को कहा कि जापान के राजदूत भारत को सपोर्ट करना चाहते हैं तो करें, लेकिन मैं उन्हें चेतावनी देती हूं कि कुछ भी बोलने से पहले वह अपने फैक्ट्स चेक कर ले।
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हू ने कहा कि डोकलाम क्षेत्र में कोई भी सीमा विवाद नहीं है। भारत और चीन दोनों जानते हैं कि कौन किसकी सीमा में है। भारत ने गलत तरीके से सीमा पार की है, चीन ने नहीं। गौरतलब है कि भारत के सपोर्ट में जापान के राजदूत ने कहा था कि सेना के बल पर सीमा में बदलाव नहीं किया जा सकता है।
जापान के राजदूत केंजी हीरामात्सू ने कहा था कि भारतीय सैनिकों ने चीन को डोकलाम में सड़क निर्माण से रोका। भारत ने शांतिपूर्ण तरीके से चीनी सैनिकों को रोका। जो सीमा पर शांति के लिए जरूरी है।