आर्मी के हथियारों पर करोड़ों डॉलर खर्च रहे चीन का खतरनाक फाइटर जेट जे-20 सेना में शमिल हो गया है। इस जेट के आने के बाद अब उसे उम्मीद है कि वो मिलिट्री गैप को खत्म कर पाएगा और जल्द ही अमेरिका के नजदीक पहुंच जाएगा। दरअसल, चीन के इस जे-20 की तुलना अमेरिका के फाइटर जेट एफ-22 रेपटर से की जा रही है।
जेट जे-20के सर्विस में आने की पुष्टि स्टेट मिलिट्री चैनल ने की है, हालांकि इससे जुड़ी और कोई जानकारी नहीं दी गई। चीन हथियारों के आधुनिकरण को लेकर तत्पर वायुसेना के साथ ही अपने नौसेना के लिए भी बेहतर हथियार बनाने पर लगातार जोर दे रहा है। उसने इसमें एंटी सेटेलाइट मिसाइल, नई तकनीक की सबमरीन्स और आर्म्ड फोर्सेस को शामिल किया है।
बता दें कि इस जेट को चीन ने 'जुहाई एयरशो' में नंवबर में ही दुनिया के सामने पेश कर दिया था और ऐसी अटकले लगाई जा रही थी कि ये 2018 तक सेना में शामिल हो पाएगा। लेकिन चीन हथियारों को लेकर गंभीर हो गया है, इसलिए उसने इसे 2017 में ही सर्विस में लगा दिया है। बताया जा रहा है कि जे-20 को सर्विस में लाने के बाद अब चीन अपने फाइटर जेट जे-31 पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
दरअसल, ये लड़ाकू विमान युद्ध में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि ये पलभर में दुश्मनों की कोशिशों को नाकाम करने का दम रखते हैं। बता दें कि लड़ाकू विमान जमीनी युद्ध के दौरान कई हवाई हमले करते हैं, जिससे थलसेना की मदद होती है। दरअसल, चीन कई दिनों से साउथ चाइना सी विवाद को लेकर इस कदर गंभीर हुआ है कि वो आर्मी के हथियारों को सक्ष्म करने में लग गया है।