चीन की सेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत को सीमा पर तैनात अपने सैनिकों को नियंत्रित रखना चाहिए। सीमा समझौते लागू होने से सीमा पर शांति और स्थिरता बनी रहती है। इसके साथ ही चीन ने डोकलाम गतिरोध को इस साल की अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बड़ी उपलब्धि बताया है।
चीन के रक्षा प्रवक्ता कर्नल रेन गुकिआंग ने डोकलाम समेत 2017 में चीन के अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग के बड़े मुद्दों का जिक्र किया। कर्नल ने कहा, चीन की सेना ने ज्वलंत मुद्दों से निपटने में दोहरी भूमिका निभाई है।
डोकलाम में भारत-चीन सेना के गतिरोध से निपटे और दक्षिण चीन सागर में अपनी संप्रभुता व सुरक्षा हितों की रक्षा की। जब कर्नल से पूछा गया कि डोकलाम जैसे विवाद के बाद वह 2018 में भारत-चीन रिश्तों को कैसे देखते हैं, तो उन्होंने कहा कि भारत को सीमा समझौतों का पालन करना चाहिए।
उम्मीद है कि भारत सीमा पर तैनात अपने सैनिकों को कड़ाई से नियंत्रित करके और दोनों देशों के सकारात्मक सैन्य संबंधों को आगे बढ़ाने के ज्यादा प्रयास करेगा। ज्ञात हो कि चीन की सेना की दोकलम में सड़क निर्माण की कोशिश के विरोध में 16 जून को भारत ने वहां सैन्य तैनाती बढ़ा दी थी। यह गतिरोध 28 अगस्त को खत्म हुआ जब चीन सड़क निर्माण न करने पर राजी हो गया।