अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा धरती को गर्म होने से बचाने के लिए जलवायु परिवर्तन से जुड़ा अध्यादेश लाने की दुनिया भर में हो रही आलोचना के बीच चीन ने इस पर मौके का फायदा उठाकर आगे बढ़ने का फैसला लिया है। चीन ने कहा कि यदि अमेरिका पेरिस समझौते से अपने पैर खींचता है और जलवायु परिवर्तन की प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता है तो चीन इन्हें आगे बढ़ाएगा।
चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक जलवायु परिवर्तन पर अमेरिका के बदलते रुख के बावजूद चीन इससे जुड़ी प्रतिबद्धताओं पर कायम रहेगा। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लियू कांग ने कहा कि - ‘जलवायु परिवर्तन एक सामूहिक चुनौती है, पेरिस समझौता इस दिशा में किया गया एक बड़ा फैसला था जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी काम किया गया है, जिसमें अमेरिका और चीन भी शामिल हैं।’
चीन का यह बयान ट्रंप द्वारा ओबामा प्रशासन की नीतियों को बदलने वाले अध्यादेश पर दस्तखत के ठीक दूसरे दिन आया है। इसे चीन की दुनिया का नेतृत्व करने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। ऊर्जा संयंत्रों से निकलने वाली ग्रीन हाउस गैसों को कम करने व जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए होने वाले पेरिस समझौते पर विश्व के 200 देशों ने सहमति जताई थी। चीन चाहता है कि अमेरिका के अलग होने के बाद इन देशों का उसे समर्थन मिले।