उड़ी हमले के बाद चीन ने कहा है कि कश्मीर क्षेत्र में हिंसा में वृद्धि और बढ़ता गुस्सा चिंता का विषय है। भारत और पाकिस्तान को अपने मतभेद बातचीत के जरिए दूर करने चाहिए और साथ ही आतंकवाद के खिलाफ आपसी सहयोग को बढ़ाना चाहिए। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ल्यू कांग ने कहा, ‘हम हमले में प्रभावित परिवारों और घायलों के प्रति सहानुभूति और संवेदना व्यक्त करते हैं। हम हमलों से हैरान हैं।’
हमलों में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के शामिल होने के भारत के आरोप के जवाब में कांग ने कहा, ‘हम आतंकवार के हर प्रकार का विरोध और कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।’ चीन के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम कश्मीर के हालात को लेकर बढ़ते गुस्से के बारे में चिंतित हैं।’ ल्यू कांग ने कहा कि सिर्फ बातचीत के जरिये ही दोनों देश अपने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बना सकते हैं।
यह पूछे जाने पर कि हिंसा के चलते भारत और पाक के बीच तनाव बढ़ने से 46 अरब डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना पर असर को लेकर चीन किस तरह देखता है, ल्यू ने कहा ‘इस गलियारे का निर्माण क्षेत्रीय देशों के विकास को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
इस गलियारे के कामकाज को जारी रखने के लिए सभी संबंधित पक्षों के ठोस प्रयासों की जरूरत है।’ ल्यू ने कहा ‘साथ ही मैं इस बात पर भी जोर देना चाहूंगा कि हाल ही में इस क्षेत्र में, खास कर कश्मीर में तनाव में कुछ वृद्धि हुई है।’