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मसूद अजहर के प्रतिबंध पर बोला चीन- 'बातचीत से ही निकल सकता है सही हल'

Mon, 11 Mar 2019 06:44 PM IST
संदीप भट्ट वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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मसूद अजहर (फाइल फोटो)
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पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए 13 मार्च को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव लाया जाएगा। इसी बीच अब चीन ने भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा है। चीन ने सोमवार को कहा कि केवल बातचीत के जरिए ही इसका ‘जिम्मेदार समाधान’ निकल सकता है।

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चीन ने कहा कि पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव को कम करने में अपनी बातचीत में सुरक्षा मुद्दों को एक महत्वपूर्ण विषय बनाया गया है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) पर हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इसके बाद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में एक प्रस्ताव पेश किया था।

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13 मार्च को यूएनएससी की ‘1267 समिति’ उठा सकती है प्रस्ताव

रिपोर्ट के अनुसार 13 मार्च को यूएनएससी की ‘1267 समिति’ द्वारा इस प्रस्ताव को उठाए जाने की उम्मीद है। भारत और यूएनएससी के अन्य सदस्यों द्वारा लाए गए इस तरह के प्रस्तावों पर तीन बार रोड़े अटका चुके चीन ने अभी अपने रुख की घोषणा नहीं की है।

इस मुद्दे पर भारत की अपील और चीन के रुख के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने यहां मीडिया से कहा, ‘पहले तो मैं आपसे यह कहना चाहता हूं कि यूएनएससी संयुक्त राष्ट्र की एक मुख्य संस्था है। इसके पास कड़े मानक और प्रक्रिया के नियम हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यूएनएससी के अंदर की जानकारी दी गई है। मुझे नहीं पता कि क्या इसे एक सबूत के रूप में गिना जा सकता है।’ 

उन्होंने कहा, ‘1267 प्रतिबंध समिति द्वारा किसी को आतंकवादी घोषित करने के बारे में चीन की स्थिति सुसंगत और स्पष्ट है। चीन ने जिम्मेदार रुख अपनाया है। चीन ने समिति के नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया है तथा जिम्मेदार ढंग से चर्चा में भाग लिया था। हमारा मानना है कि केवल बातचीत के जरिए ही हम एक जिम्मेदार समाधान तक पहुंच सकते हैं।’ 

बता दें कि हाल ही में चीन के उप विदेश मंत्री कोंग शुआनयू ने पाकिस्तान की यात्रा की थी और प्रधानमंत्री इमरान खान, सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा तथा अन्य अधिकारियों से बातचीत की थी।

कांग ने कहा, ‘हम दोनों पक्षों के साथ मध्यस्थता के प्रयास कर रहे हैं और तनाव कम करने के लिए बातचीत की गई है। हमने काफी प्रयास किए हैं। बातचीत के दौरान सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय रहा और मैं कह सकता हूं कि हमारी बातचीत काफी विस्तृत थी।’ 
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यूएनएससी के सदस्यों को पाक में जैश के शिविरों की जानकारी : भारत

भारत ने शनिवार को कहा था कि यूएनएससी के सदस्यों को पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविरों और अजहर की मौजूदगी के बारे में जानकारी है। उन्होंने सदस्य देशों से अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने का अनुरोध किया है।

जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में गत 14 फरवरी को जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमलावर के हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे जिससे भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। बढ़ते आक्रोश के बीच भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी विरोधी अभियान चलाया था और जैश के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया था।
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