चीन को नुकसान पहुंचाने के लिए अगर भारत ने विएतनाम के साथ किसी तरह का सैन्य समझौता किया तो इससे क्षेत्र में तनाव पैदा होगा और बीजिंग हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठेगा। चीन के सरकारी मीडिया ने बुधवार को यह बात उस रिपोर्ट के परिपेक्ष्य में कही है। जिसमें कहा गया है कि नई दिल्ली सतह से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल, हनोई को बेचने की योजना बना रहा है।
ग्लोबल टाइम्स की संपादकीय में विएतनाम को सतह से हवा में मार कर सकने वाली मिसाइल प्रणाली आकाश बेचने की रिपोर्ट पर चीन की चिंता को जाहिर करते हुए कहा गया कि यदि भारत सरकार रणनीतिक समझौते या बीजिंग के प्रति प्रतिशोध की भावना से वास्तव में विएतनाम के साथ सैन्य संबंधों को बढ़ाने की कोशिश करती है तो इससे क्षेत्र में तनाव पैदा होगा और चीन, हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठेगा।
इस संपादकीय में कहा गया है कि मिसाइलों की आपूर्ति सामान्य हथियार बिक्री के रूप में होनी है, जिसे भारतीय मीडिया अब तक चीन के खतरे से निपटने के लिए एक जवाब के रूप में बता रहा है। ग्लोबल टाइम्स ने यह बात इन खबरों का हवाला देते हुए कही कि नई दिल्ली का यह कदम चीन द्वारा भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) का सदस्य बनने से रोकने तथा जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मसूद अजहर पर संयुक्तराष्ट्र से प्रतिबंध लगाने के भारत के प्रयासों में चीन द्वारा अड़ंगा लगाए जाने के जवाब में है।