‘पीआरएसएस-1’ का इस्तेमाल प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी, जमीन एवं संसाधनों के सर्वेक्षण के साथ साथ कृषि अनुसंधान, शहरी निर्माण, सीमा एवं सड़क क्षेत्र के लिए दूर संवेदी जानकारी उपलब्ध कराने में की जाएगी। यह 50 अरब अमेरिकी डालर की लागत से बन रहे चीन-पाक इकोनामिक करिडोर (सीपीईसी) के लिए दूर संवेदी जानकारियां भी उपलब्ध कराएगा।
एक मीटर रेजोलूशन वाले अत्याधुनिक कैमरों से लैस
‘पीआरएसएस-1’ अंतरिक्ष में सात साल तक काम करेगा। यह दो पैनक्रोमैटिक / मल्टीस्पेक्ट्रल अत्याधुनिक कैमरों से लैस है। इनका रेजोलूशन एक मीटर और कवरेज रेंज 60 किलोमीटर है।
‘लांग मार्च’ राकेट शृंखला का 279वां अभियान
यह प्रक्षेपण ‘लांग मार्च’ राकेट शृंखला का 279वां अभियान था। यही नहीं करीब दो दशक बाद यह पहला अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक प्रक्षेपण भी था। वर्ष 1999 में इससे मोटोरोला के इरिडियम उपग्रह का प्रक्षेपण किया गया था।